Vidisha मुख्यमंत्री की मंशानुरूप मजबूती से आगे बढ़ें गांव : जिपं अध्यक्ष श्रीमति गीता कैलाश रघुवंशी

नवनिर्वाचित सरपंचों तथा सचिवों की प्रशिक्षण सहकार्यशाला संपन्न हुई

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ विदिशा मध्यप्रदेश रमाकांत उपाध्याय / 9893909059

                विदिशा जिले के नवनिर्वाचित सरपंचों तथा ग्राम पंचायतों के सचिव एवं जीआरएस के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन रविन्दनाथ टैगोर सांस्कृतिक भवन ऑडिटोरियम में किया गया था। उक्त कार्यशाला के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की मंशानुरूप गांव मजबूती से आगे बढ़ें इस कार्य में पंचायत नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों की महती भूमिका है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में विदिशा जिला अच्छे कामों में सबसे ऊपर रहे यही हम सबका प्रयास हो, इसके लिए हम सबको मिलकर प्रयास करने होंगे।

 

                जिपं अध्यक्ष श्रीमती रघुवंशी ने कहा कि ग्राम विकास के कार्यों में महिलाओं को आगे आना होगा खासकर नवनिर्वाचित सरपंच महिलाएं अपने गांव के सपनों को साकार करें।

                जिला पंचायत सीईओ डॉक्टर योगेश भरसट ने कहा कि हर पंचायत की बुनियादी ढांचे से सरपंच सचिव एवं जीआरएस भली भांति अवगत हों, पंचायत राज की अवधारणा, हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारियां देना मुख्य उद्देश्य है, उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के महत्व को समझना जरूरी है। ताकि पंचायती राज की अवधारणा अक्षरशः प्रतिपादित हो।

                जिपं सीईओ डॉ भरसट ने कहा कि आदर्श ग्राम क्या है गरीबों को गरीबी से मुक्ति कैसे दिलाएं इस कार्य में स्वसहायता समूह की मदद से आश्वस्त करते हुए उन्होंने ग्रामों में स्वास्थ्य गतिविधियों के क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया है।

                जिला पंचायत सीईओ डॉ भरसट ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वच्छता कार्यों के क्षेत्रों में हर पंचायत का गांव आत्मनिर्भर होना अति आवश्यक है। जिला पंचायत सीईओ डॉ योगेश भरसट ने बताया कि जिले के 200 गांव को आकांक्षी गांव की सूची में शामिल किया गया है। इन गांवों में नीति आयोग के निर्धारित पैरामीटर के अनुसार इन 200 गांव में श्रेष्ठ गांवों को पुरस्कृत की किया जाएगा।

                लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री संतोष साल्वे ने नल से जल की अवधारणा को पूरा करने के लिए क्रियान्वित जल मिशन कार्यो पर गहन प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 तक जिले के सभी गांवों के घरों मे नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा करने के कार्यों को संपादित किया जा रहा है। विभिन्न प्रकार की पेंशनर के लिए निर्धारित पात्रता मापदंड स्वीकृति की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी है।

                प्रशिक्षण के समापन अवसर पर जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ दयाशंकर सिंह, सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक पीके मिश्रा के अलावा सरपंच, सचिव एवं जीआरएस मौजूद रहे।