Vidisha नामांतरण प्रकरणों के निराकरण कार्यो में विदिशा जिला प्रदेश में अव्वल

कलेक्टर उमाशंकर भार्गव की अध्यक्षता में हुई राजस्व कार्यो की वार्षिक समीक्षा

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ विदिशा मध्यप्रदेश रविकांत उपाध्याय / 8085883358

कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने बुधवार को राजस्व कार्यो की वार्षिक समीक्षा की। नवीन कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में आयोजित इस बैठक में सहायक कलेक्टर अनिल कुमार राठौर, अपर कलेक्टर  वृदांवन सिंह के अलावा समस्त एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के अलावा अधीक्षक भू-अभिलेख तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहें।


कलेक्टर श्री भार्गव ने नामांतरण के प्रकरणों के निराकरण कार्यो में विदिशा जिला प्रदेश में अव्वल रहने पर उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उन सबसे कहा है कि इसी प्रकार की स्पीड़ अन्य राजस्व के मामलो में बनाए रखें ताकि विदिशा जिला किसी भी क्षेत्र में पिछड ना पाए।
कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि वार्षिक समीक्षा के पीछे यह उद्धेश्य है कि एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के द्वारा राजस्व कार्यो के निपटान में किस प्रकार की प्रगति हासिल की है। तुलनात्मक दृष्टि से सभी राजस्व अधिकारी एक दूसरे से अवगत हो सकें। उन्होंने कहा कि पदस्थापना क्षेत्रों में राजस्व अधिकारी बेहतर समन्वय व समस्याओं को त्वरित हल करने वालो के नामों से जाने जाएं।
कलेक्टर श्री भार्गव ने वार्षिक मूल्यांकन के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम दो स्तर के अधिकारियों व समुचित राजस्व कार्यालय के अमले को शील्ड व बुके प्रदाय कर सम्मानित किया है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे यह मंशा है कि जो इस दौड़ में पीछे रह गए है वे अपने आपको कैसे आगे लाएं की प्रेरणा देना है।


राजस्व निराकरण के मामलो में प्रदेश स्तरीय जारी सूची में विदिशा जिला तृतीय स्थान पर है जबकि संभाग में प्रथम। को रेखांकित करते हुए कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि राजस्व वर्ष अब एक अपै्रल से शुरू होने लगा है अतः चालू राजस्व वर्ष में जिले की ख्याति में किसी भी प्रकार के अवरोध उत्पन्न ना हो यह हम सब अपने-अपने दायित्वों का सुव्यवस्थित रूप से निर्वहन कर सकेंगे।
कलेक्टर श्री भार्गव ने सभी राजस्व अधिकारियों से कहा कि आमजनों के विश्वास पर खरे उतरना हीं हमारा मूल ध्येय होना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार के प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों पर प्रकाश डालते हुए उनके क्रियान्वयन पर विशेष बल देने की सीख दी है। कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि इस राजस्व वर्ष में नामांतरण, बंटवारा के अलावा कानून व्यवस्था, भू-माफियाओं पर कार्यवाही, पात्रताधारियों को तुरंत लाभ मिलें, मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना का बेहतर क्रियान्वयन कर सुपात्रों को लाभ दिलाएं। 11 अपै्रल से शुरू होने वाले जलाभिषेक अभियान की लीडरशिप समस्त एसडीएम करें। इसके लिए उन्होंने जनपदों के अधिकारियों की बैठक आयोजित कर उन्हें आयोजनों के उद्धेश्यों और उसकी पूर्ति की मंशा के अनुरूप कार्यो का संपादन समय सीमा में कराया जाना सुनिश्चित करें साथ ही इन कार्यो की क्रास मानिटरिंग के लिए स्थानीय स्तर पर प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।
कलेक्टर श्री भार्गव ने समस्त राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए है कि कार्यक्षेत्रों में अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई भूमि पर पुनः कोई अन्य कब्जा ना करें इसके लिए संबंधित विभागों के माध्यम से कार्यो का संपादन कराया जाए इन कार्यो में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित हो। साथ ही उन्हें इस प्रकार की भूमि की परोक्ष रूप से मानिटरिंग के लिए भी आमजनों को अभिप्रेरित किया जाए।
कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि जिला कार्यालय से समय अंतराल पर जारी होने वाले आदेशों का बखूबी अध्ययन कर उनका अक्षरशः क्रियान्वयन कराया जाना सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि फसल कटाई के बाद नरवाई में आग नहीं लगाने का दण्डात्मक आदेश जारी किया गया है किन्तु अभी भी खेतो की नरवाई में आग लगाए जाने के समाचार अखबारों में प्रकाशित हो रहे है। अतः संबंधित क्षेत्र के एसडीएम यह सुनिश्चित करें कि यदि उनकी पदस्थापना क्षेत्र में कहीं भी नरवाई में आग लगाने की घटना घटित होती है तो संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाए।
कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि आर्थिक सहायता के प्रकरणों में विलम्ब ना करें। संबंधित हितग्राहियों को आरबीसी के प्रावधानों के तहत समय पर आर्थिक मदद मिले यह सभी राजस्व अधिकारियों का नैतिक दायित्व है। उन्होंने केन्द्र सरकार के द्वारा जिन निर्माण कार्यो के लिए राशि जारी की गई है उनके शीघ्रतिशीघ्र भूमि आवंटित करने की कार्यवाही संपादित करें। कलेक्टर श्री भार्गव ने आंगनबाडी केन्द्रों के निर्माण कार्यो में हो रही विलम्बता पर असंतोष जाहिर करते हुए संबंधित क्षेत्रों के एसडीएमों से कहा कि भूमि आवंटन ना होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सके है अतः भूमि का चिन्हांकन कर निर्माण हेतु लेआउट की कार्यवाही संपादित कराएं। इसी प्रकार की कार्यवाही सीएम राईज स्कूल, हेल्थ सेन्टरों के भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटन के मामलों में संपादित की जाए।
कलेक्टर श्री भार्गव ने समस्त राजस्व अधिकारियो को निर्देश दिए है कि अवैध कालोनियों के खिलाफ कार्यवाही में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि आमजनो के हितो की रक्षा करने का सबसे बड़ा दायित्व राजस्व अधिकारियों के ऊपर है। उन्होंने कहा कि मेरे संज्ञान में लाया गया है कि जिले में कई जगह एक ही प्लाट को तीन या चार बार विक्रय करने के कार्य संपादित किए गए है जबकि कब्जा किसी एक का भी नहीं हुआ है इस प्रकार की पुर्नरावृत्ति अब कदापि ना हो इस ओर राजस्व अधिकारियों के साथ-साथ पंजीयन विभाग के अधिकारियों को भी अवश्य नजर रखनी होगी।
कलेक्टर श्री भार्गव ने जिले में सूदखोरी, भरण पोषण, भू-अर्जन, सीएम आवासीय भू-अधिकार, जाति प्रमाण पत्र जारी करने, वनाधिकार अधिनियम के तहत पात्रताधारी को हक पत्र प्रदाय करने, राशन वितरण में कही गड़बडी ना हो, उपार्जन कार्य निर्विध्न रूप से सम्पन्न हो। कानून व्यवस्था बनी रहें। इसके लिए उन्होंने समय सीमा में कार्यो का संपादन करने पर बल देते हुए सभी अधिकारियों को मुख्यालय पर निवास करने के निर्देश दिए है।

अपर कलेक्टर वृदांवन सिंह ने स्वामित्व योजना के प्रकरणों में तेजी लाने के अलावा जिले में निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाएं, हनौथा सिंचाई परियोजना, कोठा बैराज सिंचाई परियोजना, टेम परियोजना के अलावा अन्य कार्यो हेतु भू-अर्जन के प्रकरणों के निराकरण के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया है।
अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन के तहत दर्ज आवेदनों के निराकरण पैरामीटर हेतु विभक्त अंको के तीन पैरामीटरों में संशोधन किया गया है। जिसके अनुसार संतुष्टिपूर्वक निराकरण करने पर अब पचास की जगह साठ प्रतिशत अंक प्राप्त होंगे। आवेदनों की लंबित अवधि सौ दिवस से कम कर पचास की गई है अर्थात ऐेसे आवेदन जो पहले सौ दिवस के भीतर निराकृत करने पर बैटेज प्राप्त होता था उन मामलो में अब पचास दिन के भीतर निराकृत करने पर बैटेज प्राप्त होगा। निम्न गुणवत्ता निराकरण के साथ बंद शिकायतों पर अब दस प्रतिशत अंक संबंधित विभागों को प्राप्त होंगे।
अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह ने राजस्व अधिकारियों के वार्षिक कार्यो की समीक्षा बैठक में अनुविभागीय अधिकारियों के वार्षिक मूल्यांकन हेतु निर्धारित अंको के संबंध में बताया कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण पर 40 अंक, सीएम हेल्पलाइन पर 20 अंक, अपील के प्रकरणों का निराकरण रिकार्ड शुद्धिकरण पखवाडा, राजस्व वसूली तथा भू-अर्जन प्रकरण इन सब पर क्रमशः दस-दस अंक निर्धारित किए गए थे। इस प्रकार सौ अंको में से सर्वाधिक प्रथम दो अनुविभाग के एसडीएमों को शील्ड प्रदाय कर पुरस्कृत किया गया है इसी प्रकार तहसीलदार, नायब तहसीलदार के मामलों में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई है। राजस्व न्यायालयों में लंबित आवेदनों, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व वसूली, सीमा विवाद प्रकरणों का निराकरण, वनाधिकार अधिनियम के तहत आवंटित भू-अधिकार, वर्ष 2021-22 में राजस्व वसूली के अलावा सीएम किसान योजना के अंतर्गत शेष सत्यापन कार्य, पीएम किसान योजना अंतर्गत किसानों के बैंक खातो में एनपीसीआई लंबित लिंकिंग प्रकरणों के अलावा रिकार्ड दुरूस्ती, मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना के लिए जारी नवीन टाईम लाइन के अलावा नगरीय निकायों, पंचायतों की मतदाता सूची के संबंध में दावे आपत्तियां प्राप्त कर निराकरण के संबंध में विस्तृत जानकारी पावर प्रेजेन्टेशन के माध्यम से प्रस्तुत की गई है।