Vidisha मुख्यमंत्री ग्राम आवास योजना के पात्रता हेतु सर्वेदल गठित

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ भोपाल रमाकांत उपाध्याय/

 

राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीनो को आवासीय भू-खण्ड उपलब्ध कराए जाने हेतु मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना प्रभावशील की गई हैं। योजनातंर्गत ग्रामो में सर्वे कर पात्रताधारियों को लाभांवित किया जाएगा।

कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने जिले के समस्त अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों एवं जनपदों के सीईओ पत्र प्रेषित कर मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना के मापदण्डों की पात्रता रखने वाले इस अभियान से वंचित ना रहें। इसके लिए शासन स्तर पर जारी गाइड लाइन का अक्षरशः क्रियान्वयन कराने के निर्देश प्रसारित किए है।

कलेक्टर श्री भार्गव ने राजस्व मंत्रालय के द्वारा जारी दिशा निर्देशो का हवाला देते हुए उन्होंने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया हैं ताकि जन सामान्य एवं पात्र परिवारों को योजना की जानकारी से बखूवी अवगत हो सकें। इसके लिए हर स्तर पर प्रचार-प्रसार संसाधनो का अधिक से अधिक दोहन करने के निर्देश दिए है।

मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना को जिले में प्रभावशील बनाए जाने हेतु चरणबद्ध तरीको से क्रियान्वयन बिन्दुओें का आयोजन किया जाएगा। ततसंबंध में अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह के द्वारा जारी पत्र में उल्लेख है कि प्रत्येक अनुविभाग स्तर पर बैठक एवं प्रशिक्षण, आवेदन पत्रों का प्राप्त किया जाना। उनकी जांच करना, सूची का प्रकाशन एवं दावे आपत्तियों का निराकरण, आबादी भूमि घोषित करना, आबादी भूमि का लेआउट तैयार कराना तथा आवासहीनों को भू-खण्डो का आवंटन इत्यादि प्रक्रिया के लिए समयावधि नियत की गई है।

बैठक एवं प्रशिक्षण-

जिले के प्रत्येक अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पांयत (तीनो अधिकारियों) द्वारा दिनांक एक दिसम्बर से चार दिसम्बर के मध्य पटवारी एवं सचिवों की संयुक्त बैठक आयोजित कर आवेदन करने की प्रक्रिया, परिवार की पात्रता, आवेदन की जांच तहसीलदार द्वारा पात्र परिवारों की सूची का प्रकाशन, दावे आपत्ति प्राप्त करना तथा दावा आपत्ति निराकरण उपरांत पात्र परिवारों की सूची का ग्रामसभा का अभिमत प्राप्त करना, पात्र परिवारों की अंतिम सूची प्राप्त करना, आबादी घोषित कराना आदि के संबंध में प्रशिक्षण देकर विस्तृत निर्देश दिए जायें।

आवेदन पत्रों का प्राप्त किया जाना-

आवेदन पत्र केवल ऑन लाइन प्राप्त किए जाने है इस हेतु एसएएआरए (सारा) पोर्टल पर अभी से आवेदन पत्र प्रस्तुत किए जा सकते है किन्तु समय सीमा में कार्य कराए जाने की दृष्टि से दिनांक पांच दिसम्बर से 11 दिसम्बर तक विशेष अभियान चलाया जाकर आवेदन पत्र प्राप्त किए जायें। आवेदन हेतु प्रारूप -‘क’ में उल्लेखित समस्त विवरण भरे जाने है। आवेदन पत्र प्राप्त करने के लिए एवं जनसामान्य को जानकारी प्रदाय करने के लिए संपूर्ण जिले में दिनांक एक दिसम्बर से चार दिसम्बर के मध्य विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन किया जाये।

प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच-

पटवारी एवं सचिव द्वारा आवेदन पत्रों की जांच की जाकर प्रारूप ‘ख’ में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाना है यह प्रतिवेदन सारा एप के माध्यम से ऑनलाइन ही प्रेषित किया जायेगा। यह कार्य आवेदन पत्र प्राप्त होते से ही प्रारंभ किया जाये। पटवारी एवं सचिव द्वारा समस्त आवेदनों के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की समय सीमा 15 दिसम्बर तक ही होगी।

सूची का प्रकाशन एवं दावा आपत्ति का निराकरण-

तहसीलदार द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों की सूची का प्रकाशन कर दावे आपत्ति प्राप्त किए जाना है। तहसीलदार द्वारा दावे आपत्ति की सूची का प्रकाशन अनिवार्य रूप से दिनांक 16 एवं 17 दिसम्बर तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जायें। सूची का प्रकाशन कर दावा आपत्तियां 28 दिसम्बर तक प्राप्त कर उनका निराकरण किया जाये। दावा आपत्ति निराकरण उपरांत तैयार की गई आवासहीनो की सूची पर ग्रामसभाओं का अभिमत 31 दिसम्बर तक प्राप्त किया जायें। आवासहीनो की सूची के अनुमोदन के लिए 30 या 31 दिसम्बर को विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन किया जायें।

आबादी भूमि घोषित किया जाना-

आबादी भूमि की उपलब्धता आवेदन पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया की अवधि में ही ग्रामों में आबादी भूमि की उपलब्धता का आंकलन करें, यदि ग्राम में आबादी भूमि उपलब्ध नहीं होने पर अन्य निस्तार की भूमि से आबादी भूमि के घोषित कराए जाने हेतु प्रस्ताव कलेक्टर की ओर 30 दिसम्बर तक अनिवार्य रूप से प्रेषित किय जायें। 30 दिसम्बर से 27 दिसम्बर की अवधि में आबादी भूमि घोषित करने के आदेश पारित किए जाएंगे। जिन ग्रामो में आबादी भूमि घोषित कराए जाने हेतु शासकीय भूमि उपलब्ध नहीं है तक भू.रा.सं. की धारा 243(2) के अनुसार निजी भूमि के अर्जन की कार्यवाही की जायें।

आबादी भूमि का ले-आउट तैयार किया जाना-

पूर्व से उपलब्ध आबादी भूमि या कलेक्टर द्वारा घोषित की गई आबादी भूमि या आबादी हेतु अर्जित की गई भूमि का ले-आउट तैयार कराया जायें, ले-आउट का अनुमोदन अनुविभागीय अधिकारी द्वारा किया जाये।। ले-आउट में सड़क, नाली, खेलने के स्थान आदि का भी स्पष्ट प्रावधान रखा जाये। यह कार्य 27 दिसम्बर तक पूर्ण कर लिया जायें।

आवासहीनो को भू-खण्डो का आवंटन-

पात्र आवासहीनो का ले-आउट के अनुसार भू-खण्डो का आवंटन किया जाना है। यह कार्य एक जनवरी से सात जनवरी 2022 के मध्य किया जाये। लेकिन पट्टो के बांटने की कार्यवाही शासन स्तर से प्राप्त तिथियों में ही की जायेगी अर्थात तहसीलदार पट्टे तैयार कर हस्ताक्षर कर सुरक्षित रखें तथा शासन से प्राप्त निर्देशो के बाद ही उनका वितरण किया जायें।

विदिशा में मापदण्डो से अवगत एवं प्रशिक्षित हुए

मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना के मापदण्डों से अवगत कराने हेतु आज विदिशा अनुविभाग क्षेत्र के एसडीएम गोपाल सिंह वर्मा ने संबंधितों की बैठक आयोजित कर शासन द्वारा जारी क्रियान्वयन बिन्दुओं से अवगत कराया है। विदिशा जनपद पंचायत के सभागार कक्ष में सम्पन्न हुई इस बैठक में विदिशा ग्रामीण तहसीलदार केएन ओझा के अलावा नायब तहसीलदार व पटवारी मौजूद रहें।

एसडीएम श्री वर्मा ने बताया कि अभियान के तहत ऐसे ग्रामीणजन जिन्हें आवासीय भू-अधिकार पटटे प्रदाय किए जाने है इसके लिए ग्राम पंचायतो में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है ऑन लाइन आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। जांच उपरांत तहसीलदार द्वारा प्रकाशन किया जाएगा। इसके पश्चात् ग्रामसभाओं में अनुमोदन के उपरांत पात्रताधारी हितग्राहियों को आवासीय भू-अधिकार पट्टे प्रदाय किए जाएंगे। उपरोक्त पूरी प्रक्रिया पारदर्शी समय सीमा में क्रियान्वित हो इसके लिए शासन द्वारा निर्धारित समय कार्यो की अवधि से भी अवगत कराया गया है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों की जिज्ञासाओं का भी समाधान किया गया है।