Vidisha पंचायतों के मतपत्र व नगरीय निकायों के ईव्हीएम से होंगे चुनाव, तैयारियों की समीक्षा

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने की चुनाव तैयारियों की समीक्षा, कलेक्टर, अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर व एनआईओ रहे वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ विदिशा मध्यप्रदेश रमाकांत उपाध्याय / 9893909059

नगरीय निकायों के चुनाव में ईव्हीएम और त्रि-स्तरीय पंचायतों के चुनाव में मतपत्र और मतपेटियों का उपयोग किया जाएगा। पंचायतों का चुनाव भी ईव्हीएम से करवाने पर 3 माह से अधिक समय लगेगा, क्योंकि ईव्हीएम की संख्या सीमित है। इसलिए मतपेटियों के माध्यम से पंचायतों का चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने यह बात कलेक्टर्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा के दौरान कही। व्हीसी के दौरान विदिशा एनआईसी कक्ष में कलेक्टर उमाशंकर भार्गव, अपर कलेक्टर वृदांवन सिंह, डिप्टी कलेक्टर हर्षल चौधरी, एनआईओ एमएल अहिरवार के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।

राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री सिंह ने कहा कि नगरीय निकायों के चुनाव 2 चरणों में और पंचायतों के चुनाव 3 चरणों में करवाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों चुनाव साथ में कराना है, इसलिए ऐसी तैयारी करें कि किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं हो। श्री सिंह ने कहा कि कोई भी समस्या हो, तो मुझे अथवा सचिव राज्य निर्वाचन आयोग को तुरंत बताएँ। उन्होंने कहा कि संवेदनशील और अति-संवेदनशील मतदान केन्द्रों की समीक्षा कर जानकारी जल्द आयोग को उपलब्ध कराएँ। निर्वाचन प्रक्रिया में सूचना प्रोद्योगिकी का समूचित उपयोग करें। नगरीय निकाय निर्वाचन के लिये चुनाव मोबाइल एप का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।

श्री सिंह ने कहा कि नवीन प्रावधानों के अनुरूप पार्षदों के निर्वाचन व्यय का लेखा संधारण व्यवस्थित रूप से करवाएँ। उन्होंने कहा कि रिजर्व ईव्हीएम सुरक्षित तरीके से निर्धारित स्थानों पर ही रखवाएँ। सभी कलेक्टर्स चुनाव सामग्री की उपलब्धता की समीक्षा कर लें। मतदान पेटी का मेंटेनेंस करवा लें। मतपत्र मुद्रण के लिये सभी तैयारियाँ पहले से कर लें।

सचिव राज्य निर्वाचन आयोग राकेश सिंह ने कहा कि रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति कर आयोग को सूचित करें। जिम्मेदार अधिकारियों से मतदान केन्द्रों का सत्यापन कराएँ और आवश्यकता अनुसार उनकी मरम्मत करवा लें। राजनैतिक दलों के साथ समय-समय पर बैठक आयोजित करें। मतगणना स्थल का निर्धारण कर आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करें। जिला, नगरीय निकाय एवं ब्लाक स्तर पर ट्रेनिंग के लिये मास्टर ट्रेनर्स का चयन कर लें।