Vidisha बाढ़ से 371 ग्रामों के 13165 नागरिक प्रभावित, हजारों मकान व अरबों की फसलें खराब, कलेक्टर ने केंद्र स्थापित कर दिए तत्काल सहायता के निर्देश

आपदा को अवसरों में परिवर्तित करें,
हम सब मिलकर बाढ़ से प्रभावित नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराएं- कलेक्टर

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ विदिशा मध्यप्रदेश रविकांत उपाध्याय / 9893909059

कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने जिले के सभी विभागों के जिला एवं खण्ड स्तरीय अधिकारियों से समीक्षा बैठक में कहा है कि प्राकृतिक आपदा को अवसरों में परिवर्तित कर हम सब मिलकर बाढ़ से प्रभावित नागरिकों को तत्काल सहायता एव विकास कार्यों को युद्ध गति से पूरा कराएं।
कलेक्टर श्री भार्गव गुरूवार को नवीन कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में अतिवृष्टि व बाढ़ के कारण विभागवार हुए नुकसानों के संकलित डाटा की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में समस्त विभागों के जिलाधिकारी मौजूद रहे वहीं खण्ड स्तरीय अधिकारी व्हीसी के माध्यम से जुड़े हुए थे।
कलेक्टर श्री भार्गव ने विभागवार कार्यों की समीक्षा कर उन सबसे कहा कि वे बेहतर से बेहतर समयावधि में कार्यों का संपादन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी द्वारा ली गई समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी विभाग के द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कार्यों के संपादन में कोताही ना बरती जाए। प्रत्येक विभाग के पीएस स्तर के अधिकारी स्वयं जिले का भ्रमण कर विभागीय कार्यों की समीक्षा ही नहीं करेंगे बल्कि नुकसान क्षेत्र स्थलों का जायजा भी लेंगे।
कलेक्टर श्री भार्गव ने बताया कि आगामी एक सप्ताह बाद मुख्यमंत्री जी द्वारा विदिशा जिला मुख्यालय पर बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की जाएगी। जिसमें संबंधित विभागों के पीएस स्तर के भी अधिकारी मौजूद रहेंगे।
कलेक्टर श्री भार्गव के द्वारा आज समीक्षा बैठक में सभी विभागों के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार से पिछड़ें ना, बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रूचि लेकर कार्यों का संपादन कराना सुनिश्चित करें। जिन कार्यों के कराने में कहीं कोई दिक्कत आती है तो अबिलंव जिला प्रशासन के संज्ञान में लाएं ताकि संबंधित विभाग के पीएस की जानकारी में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग को कार्यों के संपादन में बजट का आभाव नहीं होने दिया जाएगा। कुल मिलाकर हम सबका यही उद्देश्य है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूर्वानुसार आम दिनचर्या अनुसार कार्य संपादित होते रहें।
कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि ऐसे पुल-पुलिया जो बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए हैं का मरम्मत कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से कराया जाए। मरम्मत कार्य के दौरान वैकल्पित मार्ग भी चिन्हित किया जाए ताकि आवागमन किसी भी प्रकार से प्रभावित ना हो। उन्होंने ऐसे पुल-पुलिया जिन पर वर्षारूपी जल का बहाव हुआ है उन पर जमा होने वाली सिल्ट, कचरा की सफाई कराने के उपरांत संबंधित विभाग के द्वारा पुल, पुलियों का निरीक्षण किया जाए और आवागमन योग्य है कि के आशय की जानकारी संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को अनिवार्य रूप से दी जाए। इसके बाद ही आवागमन प्रक्रिया की शुरूआत हो।
कलेक्टर श्री भार्गव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाने पर बल देते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक दवाओं की पूर्ति में कमी ना हो। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य उपचार कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिए। आयोजन के पूर्व तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। स्वास्थ्य उपचार कैम्पों में महिला चिकित्सकों की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय में गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को रेफर किया जाए।
कलेक्टर श्री भार्गव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के समस्त जल स्त्रोतों का शुद्धिकरण का कार्य तीव्र गति से पूरा कराया जाए। इस कार्य में उन्होंने निकाय क्षेत्र में नगर पालिका व ग्रामीण क्षेत्र में जनपदों की सीईओ की महती भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने अधीनस्थ अमले को इन कार्यों में संलग्न करने पर बल दिया है।
कलेक्टर श्री भार्गव ने उर्जा विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि बिजली की आपूर्ति बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बनी रहे इसके लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित कराए जाएं। जिन क्षेत्रों के ट्रांसफार्मर पानी में डूबे हुए हैं उन क्षेत्रों में करंट ना फैले का विशेष ध्यान रखा जाए और बाढ़ का पानी उतरने के उपरांत विभाग के अधिकारी व इंजीनियर मुआयना जरूर करें। साथ ही इस बात का परीक्षण करें कि बिजली आपूर्ति के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय दुर्घटना घटित होने की संभावना नहीं है। बाढ़ से जिन क्षेत्रों के ट्रांसफार्मर डूबे हुए थे वे क्रियाशील हैं कि नहीं अवगत होने के उपरांत आवश्यकता के अनुसार ट्रांसफार्मरों की मांग वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएं ताकि अबिलंव पूर्ति की प्रक्रिया क्रियान्वित की जा सके।
कलेक्टर श्री भार्गव ने जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी व नान के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी उचित मूल्य दुकानों में राशन का भण्डारण कार्य पूर्वा तिथियों के पांच दिवस के पहले कराया जाना सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को आरबीसी के प्रावधानों के तहत प्रत्येक परिवार को 50 किलो अनाज निशुल्क प्रदाय किया जाना है। अतः इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि हितग्राही जिस शासकीय उचित मूल्य दुकान से पहले खाद्यान्न उठा रहे थे उसी दुकान से ही बाढ़ पीड़ित खाद्यान्न उठाव कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर श्री भार्गव ने स्कूलों, आंगनबाड़ी के क्षतिग्रस्त भवनों में बच्चों को नहीं बैठाने के निर्देश दिए हैं उन्होंने निर्माण कार्यों की विभागों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि विभाग से संबंधित सड़क, पुल, पुलिया, भवनों की जानकारियों अधीनस्थ स्टॉफ से जानकारी प्राप्त करें, ताकि जो मरम्मत योग्य कार्य किए जाने हैं वे अबिलंव पूरे हों।


जिला पंचायत सीईओ डॉ योगेश भरसट ने ग्रामीण विकास विभाग के जनपद सीईओ सहित अन्य समस्त अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ से प्रभावित जिन कार्यों को कराया जाना है कि रिपोर्टिंग हर रोज की जाए। कार्य कराने के फोटोग्राफ, वीडियो अपलोड किए जाएं साथ ही कार्यों के संपादन हेतु आवश्यकता के अनुसार मांगपत्र तैयार कर अवगत कराएं ताकि उसकी पूर्ति अबिलंव की जा सके।
जिला पंचायत सीईओ श्री भरसट ने तालाबों के निरीक्षण, पुराने आवास टूट गए हैं तो उसकी सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि स्वीकृति प्राप्ति के उपरांत अबिलंव कार्यों को किया जा सके। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से संपादित किए जाने वाले निर्माण कार्यों जो बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए हैं को यथाशीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं।
जिला पंचायत सीईओ डॉ भरसट ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जो भी कार्य कराए जा रहे हैं उन क्षेत्रों के नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों का भी भ्रमण कराएं। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर शीघ्र ही दल गठित किए जा रहे हैं जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष सहित सदस्यों को शामिल किया जाएगा और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना कराया जाएगा।


नवीन कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में सम्पन्न हुई बैठक में तहसीलवार, जनपदवार, अतिवृष्टि व बाढ़ से हुई क्षति की जानकारी विभागवार प्राप्त की गई है। बैठक में अपर कलेक्टर वृन्दावनसिंह ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आमजनों से सतत संपर्क बनाए रखें। बाढ़ प्रभावित नागरिकों की बातें धैर्यता से सुनते हुए उनके साथ मधुर व्यवहार करें। ऐसे मार्ग जिन पर अवागमन संभव नहीं है इसके लिए डायवर्ट मार्गों की भी जानकारी आमजनों को हो ताकि उनका अवागमन सुगमता से हो सके।
बैठक में कृषि विभाग, पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग के अधिकारियों को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष पहल करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी विभागों के खण्ड स्तरीय अधिकारी अपने अपने मुख्यालय पर निवासरत रहें की विशेष हिदायत दी गई है। निरीक्षण अथवा सूचनाओं पर यह ज्ञात हुआ कि अमुख विभाग का जिला अथवा खण्ड स्तरीय अधिकारी अपने मुख्यालय पर निवासरत नहीं है उनके खिलाफ निलंबन सहित कठोर कार्यवाही की जाएगी। बैठक में समस्त एसडीएम, तहसीलदार व विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी मौजूद रहे।

पुल-पुलिया, मार्ग एवं भवनों की मरम्मत कराने के निर्देश

कलेक्टर  उमाशंकर भार्गव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री को पुल-पुलियों, मार्ग एवं भवनों की मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्री भार्गव के द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि माह अगस्त 2022 में हुई अतिवृष्टि एवं बाढ़ के कारण जिले के अनेक मार्ग, पुल-पुलिया एवं भवन प्रभावित हुए हैं। इनकी मरम्मत एवं शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया जाना है। जिले के समस्त शासकीय पुल पुलिया, मार्गों एवं भवनों के संबंध में प्रतिवेदन तैयार करने हेतु लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री को नियुक्त किया गया है।

बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए तहसील स्तरों पर कंट्रोल रूम गठित 
जिले में हुई अतिवृष्टि एवं बाढ़ से मकान, फसल, सड़क पुल-पुलिया एवं शासकीय भवन प्रभावित हुए हैं, साथ ही पेयजल, स्वास्थ्य एवं साफ-सफाई संबंधी कार्य भी प्रभावित हुए हैं। कलेक्टर  उमाशंकर भार्गव ने आदेश जारी कर बाढ़ प्रभावितों की सहायता हेतु निम्नानुसार व्यवस्था की है।
कलेक्टर श्री भार्गव के द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि जिला स्तर पर सूचना प्रदाय करने हेतु बाढ़ कंट्रोल रूम दूरभाष नंबर 07592-237880, मोबाइल नंबर 9329417524 एवं व्हाट्सएप्प नंबर 7400507766 है। वहीं जिला स्तर पर आवेदन प्रस्तुत करने हेतु कक्ष क्रमांक 161 एवं प्रभारी सुनील श्रीवास्तव मोबाइल नंबर 9479332922, अधीक्षक, कलेक्ट्रेट कक्ष क्रमांक 132 मोबाइल नंबर 9425640653 है। जिला स्तरीय प्रभारी श्री संतोष विटोलिया तहसीलदार मोबाइल नंबर 9425150439, 7697545163 कक्ष क्रमांक 130 एवं श्री राजेश राम सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख मोबाइल नंबर 6263455590 कक्ष क्रमांक 220 है।
कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने तहसील स्तर पर शिकायत प्रस्तुत करने हेतु निम्नानुसार व्यवस्था की है तदानुसार, विदिशा नगरीय तहसील हेतु एसडीएम मोबाइल नं. 7415545655 एवं तहसीलदार मोबाइल नं. 9425444006 पर संपर्क किया जा सकता है।
इसी प्रकार विदिशा ग्रामीण क्षेत्र में संपर्क करने हेतु जो नंबर जारी किए गए हैं उनमें 7415545655 एवं 9425916023 हैं। इसी प्रकार अन्य तहसीलों में भी शिकायतों की प्राप्ति हेतु व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई है। इसके लिए आमजन संबंधित तहसील क्षेत्र के एसडीएम या तहसीलदार के मोबाइल नंबर पर भी सूचित कर सकते हैं। तदानुसार बासौदा तहसील में मोबाइल नं. 9893770588 या 8103912884, त्यौंदा तहसील में 9893770588 या 9893587307, नटेरन में 9770626431 या 9669677785, शमशाबाद में 9770626431 या 7773822898, कुरवाई में 9993143348 या 9926364041, पठारी में 9993143348 या 9926468800, ग्यारसपुर में 8225906002 या 8959343191, गुलाबगंज में 8225906002 या 8770503030, लटेरी में 9425079476 या 7999945911, सिरोंज तहसील क्षेत्र में एसडीएम का मोबाइल नं. 8839993840 या फिर तहसीलदार का मोबाइन नं. 9039648914 पर सूचनाएं संप्रेषित कर सकते हैं।

नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों को दायित्व सौंपे

कलेक्टर  उमाशंकर भार्गव ने बताया कि अगस्त माह 2022 में जिले में हुई अतिवृष्टि एवं बाढ़ के कारण वृहद मात्रा में प्रभावित आमजनों को विभिन्न प्रकार की सहायता, क्षतिग्रस्त मार्ग, सड़कों का पुर्नथापना, पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य परीक्षण एवं इलाज की सहायता कराई जानी है। इस महत्वपूर्ण कार्य को पूर्ण कराने हेतु कलेक्टर श्री भार्गव ने अधिकारियों को दायित्व सौंपे हैं।
कलेक्टर  उमाशंकर भार्गव ने ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ प्रभावित ग्रामों में साफ-सफाई, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, पेयजल स्रोत नल-जल योजना की मरम्मत एवं स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, ग्रामीण मार्गो की मरम्मत एवं पुर्नस्थापना, ग्रामीण एवं वन क्षेत्रों में निर्मित तालाबों का निरीक्षण एवं मरम्मत संबंधी कार्य तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावित व्यक्तियों के लिए स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, स्वास्थ्य परीक्षण एवं इलाज की समुचित व्यवस्था करने का कार्य हेतु जिला पंचायत सीईओ डॉ योगेश भरसट को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है एवं जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ, आरईएस के कार्यपालन यंत्री, पीएचई के कार्यपालन यंत्री, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन एवं सहायक वन संरक्षक अधिकारी/ अनुविभागीय अधिकारी वन विभाग को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
इसी प्रकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मकान क्षति, फसल क्षति, पशु हानि सर्वेक्षण एवं राहत राशि का वितरण कार्य हेतु अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह को नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर  हर्षल चौधरी, जिले के समस्त एसडीएम एवं समस्त तहसीलदारों को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
क्षतिग्रस्त पुल पुलियों का निरीक्षण, सर्वेक्षण एवं पुर्नस्थापन संबंधित कार्य, क्षतिग्रस्त मार्गों का निरीक्षण, सर्वेक्षण एवं विस्थापन संबंधी कार्य, प्रभावित विद्युत लाइनों, सबस्टेशन, ट्रांसफार्मर का मरम्मत कार्य एवं विद्युत आपूर्ति को बहाल किए जाने हेतु अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह को नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर तन्मय वर्मा, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री, ब्रिज कॉरपोरेशन के सहायक यंत्री, मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकारी इकाई 1 एवं 2 के महाप्रबंधक, एमपीआरडीसी भोपाल के संभागीय प्रबंधक, राष्ट्रीय राजमार्ग भोपाल कार्यपालन यंत्री एवं डिविजनल इंजीनियर मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड विदिशा बासौदा के अधीक्षण यंत्री को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
नगरीय क्षेत्रों में बाढ़ प्रभावित वार्डों में साफ-सफाई, पेयजल स्रोत, नल जल योजना की मरम्मत एवं स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, नगरीय मार्गों की मरम्मत एवं पुर्नस्थापन, शहरी क्षेत्रों में प्रभावित व्यक्तियों के लिए स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, स्वास्थ्य परीक्षण एवं इलाज की समुचित व्यवस्था कार्य हेतु डिप्टी कलेक्टर एवं जिला शहरी विकास अभिकरण की परियोजना अधिकारी श्रीमती अमृता गर्ग को नोडल अधिकारी एवं समस्त मुख्य नगरपालिका अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
बाढ़ एवं राहत से समस्त विभागों की जानकारी संकलित कर राज्य शासन को प्रेषित करना, बाढ़ राहत से संबंधित बैठकों का आयोजन, बाढ़ कंट्रोल रूम प्रभारी एवं बाढ़ एवं राहत संबंधित शिकायतों के निराकरण हेतु डिप्टी कलेक्टर हर्षल चौधरी को नोडल अधिकारी एवं अधीक्षक भू-अभिलेख कलेक्ट्रेट, अधीक्षक, कलेक्ट्रेट कार्यालय को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
बाढ़ से प्रभावित क्षतिग्रस्त महाविद्यालय स्कूल भवनों की मरम्मत संबंधी कार्य, बाढ़ प्रभावित अन्य शासकीय भवनों की मरम्मत संबंधी कार्य, प्रभावित आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत एवं स्वच्छ पोषण आहार का वितरण कार्य हेतु डिप्टी कलेक्टर श्रीमती आरती यादव को नोडल अधिकारी एवं पीआईयु के संभागीय परियोजना यंत्री, शासकीय महाविद्यालय प्राचार्य, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक एवं महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
बाढ़ राहत कैंपों में भोजन व्यवस्था, बाढ़ प्रभावितों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाना, प्रभावित खाद्यान्न सामग्री का निरीक्षण एवं कार्यवाही हेतु जिला आपूर्ति अधिकारी श्रीमती रश्मि साहू को नोडल अधिकारी एवं नागरिक आपूर्ति निगम जिला प्रबंधक तथा वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जिला प्रबंधक को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
बांधों एवं नहरों का निरीक्षण एवं मरम्मत संबंधी कार्य हेतु सिंचाई विभाग के कार्यपालन यंत्री  राजीव कुमार जैन को नोडल अधिकारी एवं सिंचाई विभाग बासौदा के कार्यपालन यंत्री को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

बाढ़ से 371 ग्रामों के 13165 नागरिक प्रभावित 
जिले में विगत दिनों हुई अतिवृष्टि और बाढ़ से 371 ग्रामों के 13165 नागरिक प्रभावित हुए हैं के आशय की जानकारी जिला पंचायत सीईओ द्वारा व्हीसी के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में प्राप्त हुई है।
जिला पंचायत सीईओ डॉ योगेश भरसट ने समस्त जनपदों के सीईओ सहित अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित ग्रामों में जैसे ही पानी उतरता है ठीक वैसे ही सिल्ट निकालकर साफ-सफाई के का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से कराएं, उन्होंने प्रभावित ग्रामों में क्लोरीनेशन एवं ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव अनिवार्य रूप से कराए जाने के निर्देश दिए हैं समस्त बीएमओ एवं पीएचई के सहयोग से ग्रामवासियों को बीमारी की आशंका से देखते हुए स्वास्थ्य कैम्प आयोजित करने तथा 15वां वित्त आयोग की राशि से साफ-सफाई की उचित व्यवस्था, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के प्रबंध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कर आवास प्लस की सूची में उनके नाम जिला कार्यालय को भिजवाने के निर्देश दिए हैं ताकि शासन को आवासों की मांग उपलब्ध कराने की प्रक्रिया क्रियान्वित की जा सके। अभी तक एक हजार 441 नागरिकों के द्वारा मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना देकर नाम दर्ज कराए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 233 संरचनाएं क्षतिग्रस्त होना बताया गया है जबकि 17 नल-जल योजनाएं बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई हैं जिन्हें दुरूस्त कराने के निर्देश व्हीसी के द्वारा दिए गए हैं।
गौरतलब हो कि सभी जनपदों में एक-एक कंट्रोल रूम भी संचालित किया जा रहा है, व्हीसी समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के सातों जनपदों के 371 ग्राम अतिवृष्टि व बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, इन ग्रामों के 13165 नागरिकों को भोजन के प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। शत प्रतिशत 2084 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं जबकि 3879 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। आवास प्लस की सूची में 1441 के नाम दर्ज किए गए हैं। बाढ़ के कारण 233 तालाब स्टॉप डेम संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। क्षतिग्रस्त निर्माण संरचनाओं की अनुमानित लागत 375.85 लाख रूपए आंकलित की गई है।