नेशनल लोक अदालत में बासौदा के 658 व जिलेभर के 2780 प्रकरणों का निराकरण

लोक अदालत में पक्षकारों को समझौता करने पर फलदार पौधों का वितरण भी किया गया

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ विदिशा मध्यप्रदेश रविकांत उपाध्याय /8085883358 

मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अचल कुमार पालीवाल के मार्गदर्शन में आज शनिवार को आयोजित की गई नेशनल लोक अदालत में विदिशा जिले में 2780 प्रकरणों का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण किया गया है। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश के द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर समस्त न्यायधीशगण तथा  अभिभाषक संघ अध्यक्ष एडवोकेट केजी माहेश्वरी व अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण के लिए 32 खण्डपीठों के द्वारा आपराधिक शमनीय प्रकरण, सिविल प्रकरण, धारा 138 एनआई एक्ट के अंतर्गत प्रकरण, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण, राजस्व प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, विद्युत, जल एवं संपत्तिकर संबंधी प्रकरणों, बीएसएनएल तथा बैंकों के वसूली प्रकरणों का निराकरण आपसी समझौते के आधार पर किया गया है। आयोजित नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित 1743 प्रकरणों का तथा प्रीलिटिगेशन के 1037 प्रकरणों का इस प्रकार कुल 2780 प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामे के आधार पर किया गया है।

आज की नेशनल लोक अदालत में उल्लेखनीय बात यह रही कि कुटुम्ब न्यायालय विदिशा में भरण पोषण हेतु प्रस्तुत वाद में ऐसे दंपत्ति के मध्य समझौता कराया गया। जिसमें उनका विवाह 40 वर्ष पूर्व हुआ था तथा आवेदिका 60 वर्ष की थी एवं अनावेदक 65 वर्ष का था। दंपत्ति की कोई संतान नहीं होने के कारण इतने वर्षों बाद उनके मध्य छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने के कारण पत्नी अपने पति से अलग रहने लगी तथा उसके द्वारा पति के विरुद्ध धारा 125 द.प्र.स. के अंतर्गत भरण पोषण का दावा कुटुंब न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। कुटुम्ब न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश एवं खंडपीठ के सदस्यगण के द्वारा दंपत्ति को समझाने के अथक प्रयास किए जाने के फलस्वरुप उनमें समझौता स्थापित हुआ और दोनों पक्ष पुनः साथ रहने को तैयार हो गए। लोक अदालत में पक्षकारों को समझौता करने पर फलदार पौधों का वितरण भी किया गया है।

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