DM ने जलमिशन कार्यो की समीक्षा में दिए निर्देश, पानी का हो सदुपयोग

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ विदिशा रमाकांत उपाध्याय/ 


कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने शनिवार को जल मिशन के तहत सम्पादित किए जा रहे कार्यो की समीक्षा बैठक में कहा कि नल से जल का सदुपयोग हो और इस कार्य में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के साथ-साथ ग्रामीण विकास विभाग अमले की महती भूमिका है। उन्होंने कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं के घर के अन्दर नल के कनेक्शन हो और उनमें बकायदा टोंटी लगी हो। इस ओर जनजागरूकता संबंधी कार्यक्रमों का भी आयोजन समय अंतराल पर आयोजित हो ताकि ग्रामीणजन इस कार्य को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि जल मिशन का मुख्य उद्धेश्य स्वच्छ पेयजल ग्रामो के रहवासियों के घरो तक पहुंचाना है इस कार्य में इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाए कि ग्राम के आखिरी छोर में निवासरत व्यक्तियों को भी नल से जल पर्याप्त मात्रा में मिलें। उन्होंने जिले में खासकर सम्पूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों में क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन का चरणबद्ध तरीको से क्रास मानिटरिंग कराने पर बल दिया है।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि विदिशा जिले में क्रियान्वित योजनाओं के तहत वर्ष 2023 तक जिले के समस्त ग्रामीण क्षेत्रों को नल से जल की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जानी है। इसके अलावा ग्रामो में स्थित ऐसे स्वास्थ्य केन्द्र, जहां नल से जल की व्यवस्था नही है उन स्वास्थ्य केन्द्रो में जल मिशन की योजनाओं से प्राथमिकता के आधार पर प्रबंध सुनिश्चित कराए जाने है। जिले के समस्त आंगनबाडी केन्द्रो व स्कूलो में मिशन मोड में नल से जल की आपूर्ति के प्रबंध क्रियान्वित किए जा रहे है। जल मिशन के कार्यो के सम्पादन में अन्य विभागो के संयुक्त समन्वय से क्रियान्वित कार्यो पर भी विभागवार गहन प्रकाश डाला गया है जिसमें ऊर्जा विभाग के माध्यम से नलजल के लिए आवश्यक बिजली आपूर्ति के प्रबंध सुनिश्चित किए जाए वहीं शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत के अंर्तविभागीय समन्वय से संपादित किए जाने वाले कार्यो पर भी प्रकाश डाला गया है।
कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने जल मिशन के तहत बिजली आपूर्ति के लिए कनेक्शन प्रक्रिया हेतु निर्धारित पत्राचार के लिए डीई  त्रिपाठी को जिला स्तरीय जबावदेंही सौंपी गई है। इसी प्रकार सडको पर नल जल की लाइन खुदाई के बाद खासकर पीएमजीएसबाय की सड़के पूर्व स्थित अनुसार आवागमन में हो इसके लिए संबंधित ठेकेदार से सडक का उसी गुणवत्ता के अनुरूप कार्य कराया जाए जैसे पूर्व में थी। जब तक कार्य पूर्ण ना हो जाए और संबंधित महाप्रबंधक के द्वारा एनओसी जारी नही की जाती है तब तक ठेकेदार की अमानत राशि को रोक कर रखा जाए।
कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि जल मिशन के तहत जिन जल उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिए गए है उनसे जलकर की वसूली और सुरक्षानिधि जमा कराई जाए। इसके लिए पंचायतो मेंं पृथक से लेजर के प्रबंध सुनिश्चित किए जाए ताकि जलकर से प्राप्त होने वाली राशि का पूर्ण ब्यौरा पारदर्शिता के साथ परलिक्षित हो। इस कार्य में स्थानीय पंचायत सचिव और जेआरएस को आवश्यक जबावदेंही सौंपी जाए। कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि जल मिशन के तहत टंकियों का निर्माण कराने के पूर्व जल स्त्रोत का चिन्हांकन अनिवार्य रूप से किया जाए ताकि टंकी निर्माण होते ही जल की आपूर्ति संबंधित ग्रामवासियों को सुगमता से हो सकें।
कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि जल मिशन की निर्धारित गाइड लाइन के अनुसार जिले के ऐसे समस्त शासकीय स्कूलों व आंगनबाडी केन्द्रो के अलावा डिलेवरी पाइंट अस्पतालो में सर्वोच्च प्राथमिकता से नल से जल की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जानी है। इस दौरान अब तक हुए कार्यो से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री द्वारा अवगत कराया गया है। उन्होंने बताया कि जल मिशन के नवीन चरण तहत अब 250 से 300 आबादी वाले ग्रामो को शामिल किया गया है इसके लिए आवश्यक प्राक्कलन तैयार किए गए है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता श्री एचएस गौड ने कहा कि जल मिशन के कार्यो का सम्पादन अंर्तविभागीय समन्वय से शीघ्रतिशीघ्र संभव है। ऐसे विभाग जिनके कार्यालयों के लिए मिशन मोड पर कार्य किया जाना है वे समन्वय स्थापित कर प्रत्येक सप्ताह स्थानीय स्तर पर समीक्षा करें ताकि कार्यो के मार्ग में होने वाले अवरोधो को स्थानीय स्तर पर निराकृत किया जा सकें। अधीक्षक यंत्री श्री सुबोध जैन ने कहा कि प्रत्येक ग्राम की कार्ययोजना, ग्रामो में ग्राम जल एवं स्वच्छता तदर्थ समिति के गठन के कार्या में तेजी लाई जाए।
जल मिशन के तहत जिन ग्रामो में पेयजल की आपूर्ति की जाएगी उन क्षेत्रो की ग्रामीण महिलाओं को पेयजल गुणवत्ता की महती जबाबदेंही सौंपी जाएगी इसके लिए प्रत्येक ग्राम में पांच-पांच महिलाओं की एक-एक टीम गठित की जाएगी इस टीम के सदस्यों को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता का परीक्षण कैसे करें ताकि फील्ड टेस्ट किट का उपयोग कैसे करें कि निहित बिन्दुओं से प्रशिक्षित किया जाएगा तदोपरांत मानिटरिंग समितियो को दायित्व सौंपे जाएंगे। बैठक में अपेक्षा व्यक्त की गई कि जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग ग्रामो में ग्रेवाटर मैनेजमेंट पर किया जाए।

इस बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता  एचएस गौड, अधीक्षण यंत्री सुबोध जैन, जिला पंचायत सीईओ डॉ योगेश भरसट के अलावा विभिन्न विभागो के तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला एवं खण्ड स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।