Vidisha फसल क्षति सर्वे कार्य चार दिवस में पूर्ण कराएं, राजस्व समीक्षा बैठक में बोले कलेक्टर उमाशंकर भार्गव

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ विदिशा मध्यप्रदेश रमाकांत उपाध्याय / 9893909059

कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने बुधवार को राजस्व कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले में हुई अतिवृष्टि व बाढ़ के कारण जो क्षति हुई है का समुचित सर्वे कार्य चार दिवस में पूर्ण कर तहसीलवार रिपोर्ट जिला कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में क्षतिग्रस्त मकानों व सामग्री की राहत राशि का वितरण कार्य किया गया हैं अब बाढ़ का पानी उतरने के पश्चात क्षति हुई फसलों का सर्वे कार्य तीव्र गति से सम्पादित कराना सुनिश्चित करें।

                कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी अब अपने मूल कार्यों का क्रियान्वयन युद्ध गति से कराना सुनिश्चित करें ताकि प्रदेश स्तर पर जिले की रैंकिंग में सुधार हो। गौरतलब हो कि राजस्व कार्यों के क्रियान्वयन मामले में विदिशा जिला प्रदेश में 17वें स्थान पर है।

                कलेक्टर भार्गव के द्वारा आहुत राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में जिन बिन्दुओं पर गहन समीक्षा कर क्रियान्व्यन के संबंध में आवश्यक निर्देश उनके द्वारा दिए गए हैं उनमें मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान, विभिन्न विभागों के भवनों, कार्यालयों के लिए शासकीय भूमि का आवंटन, वन ग्रामों का राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन, तीर्थ स्थान/मेला की जानकारी एवं धर्मस्व अधिनियम, अतिवृष्टि एवं बाढ़ से राहत राशि का वितरण, राजस्व प्रकरणों की समीक्षा, राजस्व वसूली, सीएम हेल्पलाईन एवं लोक सेवा गारंटी, भू-अर्जन संबंधी प्रकरणों का निराकरण, मुख्यमंत्री नगरीय भू-अधिकार (धारणाधिकार), स्वामित्व योजना (आबादी सर्वेक्षण), खरीफ फसल गिरदावरी, मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना, नक्शा शुद्धिकरण पखवाड़ा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ई-केवायसी, एनआर लिंकिंग, अपात्रों से राशि वसूली की कार्यवाही, नक्शा विहीन ग्रामों के नक्शा निर्माण कार्य, देव स्थानों/मंदिरों में संलग्न आराजी भूमि के सर्वे, खसरा नंबरों की समीक्षा, मतदाता परिचय पत्र में आधार नंबर शत प्रतिशत दर्ज करने संबंधी समीक्षा, मतदान केन्द्रों के युक्तियुक्तकरण के प्रस्ताव प्रेषित करने एवं मतदान के शत प्रतिशत सत्यापन, मतदान केन्द्रवार जेण्डर, ईपी रेशियों में कमी का करण एवं नए मतदाताओं को जोड़े जाने हेतु, पंचायत/नगर पालिका निर्वाचन के संबंध में निक्षेप राशि वापसी व जप्त राशि शासन मद में जमा करने की समीक्षा, नगरीय निर्वाचन में अभ्यर्थियों के व्यय लेखा जमा करने की समीक्षा, लंबित देयक के भुगतान की समीक्षा (पंचायत/नगर पालिका), स्वच्छता सर्वेक्षण सहित अन्य बिन्दुओं की गहन समीक्षा की गई है।

                नवीन कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में आयोजित इस बैठक में हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष बल देने के निर्देश कलेक्टर के द्वारा राजस्व अधिकारियों को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में करना सुनिश्चित करें साथ ही नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, सीएम हेल्पलाइन, नक्शा शुद्धिकरण, स्वामित्व योजना, गिरदावरी, पीएम किसान कल्याण योजना के तहत तहसील वार उपलब्धियों की भी समीक्षा उनके द्वारा की गई है। सिरोंज एवं लटेरी अनुविभाग क्षेत्र अनेक राजस्व कार्यों में पीछे रहने पर उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए दोनों क्षेत्रों के एसडीएमो को निर्देशित किया है कि अधीनस्थों की सतत समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति हासिल करें। इस बैठक में अपर कलेक्टर श्री वृन्दावनसिंह के द्वारा राजस्व न्यायालयों, बाढ़ राहत भुगतान राशि संबंधी कार्यों की समीक्षा की गई।

                उपरोक्त बैठक में डिप्टी कलेक्टरों के साथ साथ समस्त एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त

                कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान की निहित बिन्दुओं के क्रियान्व्यन हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने जिला स्तर से योजनाओं का समन्वय संबंधी कार्य का दायित्व अपर कलेक्टर वृन्दावनसिंह को सौंपा है।

                गौरतलब हो कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की चिन्हित हितग्राहीमूलक योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रदेशव्यापी मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान का क्रियान्वयन 17 सितंबर से 31 अक्टूबर तक किया जाएगा। इसके लिए कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव के द्वारा नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। तदानुसार, जिला पंचायत सीईओ डॉ योगेश भरसट को ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन का दायित्व सौंपा गया हैं इसी प्रकार डिप्टी कलेक्टर एवं जिला शहरी विकास अभिकरण की परियोजना अधिकारी श्रीमती अमृता गर्ग को नगरीय क्षेत्रों में योजनाओं का क्रियान्वयन हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

                कलेक्टर श्री भार्गव के द्वारा जारी आदेश में उल्लेख है कि डिप्टी कलेक्टर श्री हर्षल चौधरी को सीएम हेल्पलाइन के पोर्टल के मॉड्यूल पर ऑनलाइन एंट्री संबंधी कार्यों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है जबकि समस्त अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को खण्ड स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन के समन्वय हेतु नोडल हेतु नियुक्त किया गया है।

मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान 17 सितंबर से 31 अक्टूबर तक

                भारत सरकार और राज्य सरकार की चिन्हित हितग्राहीमूलक योजनाओं में शत-प्रतिशत सैचुरेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान का आयोजन 17 सितंबर से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान तहत किया जाना है। योजना अन्तर्गत समस्त पात्र हितग्राहियों को समय-सीमा में लाभ प्रदाय किया जाना है। इस हेतु नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर दो वार शिविरों का आयोजन किया जाना है।

                कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने समस्त जिला एवं खण्ड स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विभागीय योजनाओं की तत्काल समीक्षा करें, शिविरों के आयोजन में सहभागिता रखें। शिविरों में प्राप्त होने वाले आवेदनों का शीघ्रता पूर्वक निराकरण करें, समस्त विभागीय अमले को शासन द्वारा प्राप्त  निर्देशों के अनुरूप गंभीरता पूर्वक कार्य करने हेतु निर्देशित करें। इस संबंध में पूर्व में आयोजित टीएल बैठक में विस्तृत निर्देश दिये जा चुके हैं। इस कार्य में किसी भी प्रकार की उदासीनता एवं लापरवाही पर कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।

मेला स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश

                डिप्टी कलेक्टर एवं अध्यात्म विभाग की नोडल अधिकारी श्रीमती आरती यादव ने सभी तहसीलदारों से कहा है कि पद स्थापना क्षेत्रों में आयोजित होने वाले मेला व नवीन मेला स्थलों के आयोजन स्थलों की जानकारी जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं। ताकि धर्मस्व न्यास विभाग के तहत निर्धारित प्रक्रिया का क्रियान्वयन कराना सुनिश्चित हो।

प्रकरणों का निराकरण शीघ्र कराएं

                वन अधिकार अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव के द्वारा संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, वन विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि एक भी प्रकरण लंबित ना रहे। प्रत्येक प्रकरण में निराकरण की वस्तु स्थिति स्पष्ट रूप से अंकित हो। प्रकरण स्वीकृत होने के कारण और ना स्वीकृत होने के कारण स्पष्ट रूप से अंकित हों।

                कलेक्टर श्री भार्गव ने संबंधित क्षेत्र के एसडीएम से कहा कि वे स्थानीय स्तर पर बैठकें आयोजित कर इस प्रकार के प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष पहल करें।