Vidisha सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही पर कलेक्टर ने दिए नोटिस, कार्रवाई का भेजा प्रस्ताव

सीएम हेल्पलाइन लंबित शिकायतों की समीक्षा के बाद कलेक्टर ने चार अधिकारियों को जारी किए शोकॉज नोटिस, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री के विरुद्ध कार्यवाही का भेजा प्रस्ताव

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ विदिशा मध्यप्रदेश रमाकांत उपाध्याय/9893909059


कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने सोमवार को सीएम हेल्पलाइन के लंबित आवेदनों की समीक्षा की। कलेक्टर श्री भार्गव ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज आवेदनों को निराकरण करने में रूचि प्रदर्शित नहीं करने वाले जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री के विरुद्ध कार्यवाही का प्रस्ताव भेजा है जबकि चार अधिकारीगणों को शोकॉज नोटिस जारी कर तीन दिवस की अवधि में जबाव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

सीएम हेल्पलाइन 181 पर जल संसाधन विभाग की शिकायतों के निराकरण के संबंध में रूचि नहीं लेने पर कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री आरके जैन के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु भोपाल संभागायुक्त को पत्र प्रेषित किया है।कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने बताया कि जल संसाधन विभाग विदिशा के कार्यपालन यंत्री आरके जैन के द्वारा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में रुचि प्रदर्शित नहीं की जा रही है उनके द्वारा शिकायतों के निराकरण ही दर्ज नहीं किए जाने से विदिशा जिले की ग्रेडिंग भी प्रभावित हुई है।

 

कलेक्टर श्री भार्गव के द्वारा सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के एल-वन स्तर पर अटेंड नहीं करने पर जिन अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी किए गए है उनमें जिला आपूर्ति अधिकारी श्रीमती रश्मि साहू, विदिशा ग्रामीण तहसीलदार केएन ओझा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विदिशा आरके शर्मा, विद्युत विभाग सिरोंज के सहायक यंत्री राजू भाभोर शामिल है। इन सबको नियत अवधि तक जबाव प्रस्तुत नहीं करने पर एकपक्षीय कार्यवाही प्रस्तावित की गई है।

कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन मुख्यमंत्री जी की अति महत्वाकांक्षी योजना है जिसके संबंध में समय-समय पर शासन स्तर से एवं जिला स्तर से वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गंभीरता से निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।

लंबित आवेदनों की समीक्षा

               कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने सोमवार को सीएम हेल्पलाइन के तहत दर्ज आवेदनों की गहन समीक्षा की है। उन्होंने विभागवार निराकरण हेतु क्या-क्या पहल की गई है कि अद्यतन जानकारी से अवगत होने के उपरांत संबंधित विभागो के जिलाधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि निराकरण के साथ-साथ संतुष्टि प्रतिशत में वृद्धि हो ताकि जिला वॉटम स्थिति में ना आए। उन्होंने प्राप्त शिकायते, नॉन अटेण्ड शिकायते, निम्न गुणवत्ता से बंद शिकायते, सौ दिवस से अधिक की लंबित शिकायते तथा कुल लंबित शिकायतों के अलावा विभागरवार कुल वैटेज, ग्रेडिंग तथा संबंधित विभाग की प्रदेश स्तर पर रेकिंग क्या है कि समीक्षा की है।

               कलेक्टर श्री भार्गव ने सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों का निराकरण करने में रूचि प्रदर्शित नहीं करने वाले अधिकारियों को शोकॉज नोटिस भी जारी किए है और उन्हें तीन दिवस के भीतर जबाव प्रस्तुत करने की हिदायत दी है। गौरतलब हो कि जिले में सीएम हेल्पलाइन के तहत कुल 5456 आवेदन लंबित है जिसमें एल वन स्तर पर 2065, एल टू पर 644, एल थ्री पर 964 तथा एल फोर स्तर पर 1783 आवेदन निराकरण हेतु लंबित है। नवीन कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में सम्पन्न हुई।

इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ योगेश भरसट, अपर कलेक्टर श्री वृदांवन सिंह के अलावा विभिन्न विभागो के अधिकारी मौजूद रहें।