Vidisha स्वीकृत प्रकरणों में बैंकर्स वित्त पोषण शीघ्र करें – कलेक्टर 

जिला स्तरीय बैंकर्स समिति डीएलसीसी की बैठक कलेक्टर उमाशंकर भार्गव की अध्यक्षता में सम्पन्न

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ विदिशा रमाकांत उपाध्याय/ 

               कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने समस्त बैंकर्सो से कहा है कि हितग्राहीमूलक योजनाओं के जिन प्रकरणों में बैंकर्सो द्वारा स्वीकृति प्रदाय की गई है उन प्रकरणो में वित्त पोषण की कार्यवाही यथाशीघ्र करें ताकि हितग्राही उसी वित्तीय वर्ष में स्वीकृत व्यवसाय का संचालन कर सकें। उन्होंने ऐसे प्रकरण जो बैंकर्स के द्वारा स्वीकृति की प्रत्यांशा में रखे गए है उन प्रकरणो में भी त्वरित निर्णय कर स्वीकृति प्रदाय करें या फिर वे प्रकरण जो स्वीकृति योग्य पात्र नही पाए जाते है तो उन प्रकरणो को संबंधित विभागो के लिए अविलम्ब लौटाएं ताकि नए प्रकरण तैयार कर बैंक को उपलब्ध कराए जा सकें।

               कलेक्टर श्री भार्गव ने बैंकर्स वसूली के संबंध में कहा कि जिन स्थलो पर वसूली कम है वहां बैंकर्स शिविरो का आयोजन करें। ततसंबंध में राजस्व एवं अन्य विभागो के अधिकारियों के द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदाय किया जाएगा। शिविर आयोजनों की तिथियां पूर्व में जारी की जाए ताकि उनका व्यापक प्रचार-प्रसार हो सकें।

               कलेक्टर श्री भार्गव ने समस्त बैंकर्स प्रतिनिधियों से कहा कि जिन-जिन हितग्राहीमूलक योजनाओं में वित्त पोषण की कार्यवाही पूर्ण की जाती है उन प्रकरणो का निर्धारित पोर्टलों पर डाटा इन्ट्री अवश्य कराई जाए। चूंकि पोर्टल पर प्रदर्शित डाटा ही मान्य होता है। ऐसे बैंकर्स जहां अन्य कारणो से हितग्राहीमूलक योजनाओ के अन्य प्रकरणो में विलम्बता हो रही है उन क्षेत्रों के बैंक अधिकारी अवकाश के दिनो में उपरोक्त कार्यो को सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरा कराएं।

               कलेक्टर श्री भार्गव ने मुख्यमंत्री स्ट्रीट वेण्डर शहरी एवं ग्रामीण योजना के ऐसे हितग्राही जिनके द्वारा प्रथम किश्त दस हजार रूपए का ऋण बैंक को वापिस किया जा चुका है उन प्रकरणो में बैंकर्स ऋण क्लोज कर पोर्टल पर प्रदर्शित करना सुनिश्चित करें ताकि आगामी किश्त के रूप में प्रदाय किए जाने वाले ऋण हेतु संबंधित हितग्राही पुनः आवेदन कर सकें। उन्होंने कहा कि बैंक की राशि हितग्राही द्वारा लौटाए जाने पर बैंकर्स का विश्वास हितग्राही के प्रति बढना चाहिए और उसे आगामी ऋण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा ना आए को ध्यानगत रखते हुए बैंकर्स कार्य करें। उक्त बैठक में स्व-सहायता समूहो को दिए जाने वाले क्रेडिट लीकेंज, सीएम स्वनिधि योजना, पीएम स्वीनिधि योजना, स्वरोजगार योजना, पीएमईजीपी योजना, मत्स्यपालन ऋण हेतु केसीसी जारी करना, पशुपालकों को केसीसी जारी करने के अलावा केसीसी सेचुरेशन ड्राइव, वित्तीय समावेश के पैरामीटर्स, पोर्टल पर दर्ज आरआरसी प्रकरणो के अलावा फसल बीमा रबी 2021 एवं सीएम हेल्पलाइन में बैंकर्स से संबंधित दर्ज शिकायतो की समीक्षा की गई है।

               नवीन कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार कक्ष में आयोजित उक्त बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ योगेश भरसट ने कहा कि बैंको की साख में अधीनस्थ स्टाफ बढोतरी करें। हितग्राही परेशान ना हो इस ओर मानवीयता को ध्यानगत रखते हुए उदार रवैया मधुर व्यवहार अपनाएं। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से क्रियान्वित योजनाओं खासकर आजीविका मिशन के द्वारा गठित स्वसहायता समूहो के सदस्यों को वित्त पोषण पर बल दिया है। उक्त बैठक में बैंकर्स प्रतिनिधियों के अलावा लीड बैंक आफीसर चन्द्रशेखर के द्वारा बैंकर्सो के समन्वय पर विशेष बल देते हुए उन्होंने कहा कि यदि कहीं किसी भी प्रकार की असुविधा आती है तो अविलम्ब जानकारी में लाएं। लीड बैंक के माध्यम से खण्ड स्तर पर भी बैठको का आयोजन कर हितग्राहियों की ऋण स्वीकृति व बैंकर्स की वसूली पर गहन चर्चा कर निर्णय लिए जा रहे है। उपरोक्त बैठक में विभिन्न विभागो के अधिकारियों के अलावा बैंकर्स प्रतिनिधि मौजूद रहें।