Vidisha सुव्यवस्थित रूप से हो सभी गौशालाओं का संचालन : कलेक्टर उमाशंकर भार्गव

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ विदिशा मध्यप्रदेश रमाकांत उपाध्याय / 9893909059

                कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने शुक्रवार को जिले में संचालित गौशालाओं की अद्यतन स्थिति का जायजा लिया। रविन्द्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक भवन ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि जिले की सभी गौशालाओं का संचालन सुव्यवस्थित रूप से शासन के मापदण्ड अनुसार संचालित हो। इसके लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।

                कलेक्टर श्री भार्गव ने कहा कि ऐसी गौशालाएं जिनका निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है उन क्षेत्रों के निर्माण कार्यों के मूल्यांकन उपरांत राशि जारी की जाए। उन्होंने कहा कि शेष अधूरे कार्यों के लिए भी राशि की मांग शीघ्र कर उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

                कलेक्टर श्री भार्गव ने जिले में अब तक गौशालाओं के निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होने पर असंतोष जाहिर करते हुए उन्होंने प्रत्येक गौशाला का कार्य किन कारणों से अब तक शुरू नहीं हो पाया है को जाना ही नहीं बल्कि जमीन आवंटन अब तक नहीं होने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि गौशाला के लिए अब तक भूमि आवंटित क्यों नहीं की गई उन कारणों से अवगत कराएं साथ ही दो दिवस के भीतर भूमि आवंटित कर की गई कार्यवाही की समुचित जानकारी प्रस्तु करें। ऐसे मामले जिनमें अब तक जारी राशि के अनुरूप कार्यों का सम्पादन अब तक नहीं हुआ है के आशय की जानकारी मूल्यांकन से प्राप्त होने पर उन मामलों में शीघ्र कार्यवाह की जाए।

                कलेक्टर श्री भार्गव ने विदिशा जिले की गौवंश की संख्या गौशाला में आश्रय हेतु रखे पशु तथा आवारा पशुओं की संख्या का अवलोकन किया। उन्होंने भौतिक रूप से पूर्ण तथा संचालन होना शेष तथा गौशाला की संख्या का अवलोकन, पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग द्वारा जारी अद्यतन चारा भूसा की राशि का अवलोकन, प्रगतिरत गौशालाओं में भुगतान की स्थिति, गोवर्धन योजनान्तर्गत बासोगैस संयत्र हेतु चयनित गौशाला, आवारा पशुओं को टैग करना तथा वेक्सीनेशन एवं अस्थायी रूप से रास्ते से हटाने की गई व्यवस्था, गौ कास्ट मशीन तथा स्व सहायता समूह को गौशाला संचालन की व्यवस्था, गौशाला में विद्युतीकरण, पंजीयन, पानी की व्यवस्था, चारागाह संबंधी व्यवस्था समेत अन्य क्रियान्वित व्यवस्थाओं का जायजा लिया है।

                बैठक में बताया गया कि वर्ष 2022-21 में स्वीकृत की गईं गौशालाओं में बिजली और पानी की व्यवस्थाएं क्रियान्वित कराने हेतु 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग करने हेतु शासन स्तर से पत्र प्राप्त हुए हैं अतः ऐसी गौशालाएं जहां अब तक बिजली नहीं है या पानी के लिए बोर कराए जाने है। ऐसे सभी कार्य अबिलंव शुरू कराए जाएं।

                समीक्षा बैठक में बतलाया गया कि विदिशा जिले में गौसेवा योजनांतर्गत मनरेगा से निर्मित पूर्ण एवं संचालित गौशाला की वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 के संबंध में अवगत कराया गया है कि योजना प्रारंभ से अब तक जिले में कुल 156 गौशालाएं स्वीकृत की गई है। जिसमें से अब तक भौतिक रूप से 80 गौशालाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इनमें से 68 गौशालाएं संचालित की जा रही हैं इन गौशालाओं में 6002 गौवंशों को रखा गया है। जिले में दो गौशालाएं स्व-सहायता समूहों के द्वारा तथा 78 गौशालाएं ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित कर संचालित की जा रही हैं। 68 गौशालाओं में चारागाह स्वीकृत कर प्रारंभ कराए गए हैं।

                जिला पंचायत सीईओ डॉ योगेश भरसट ने बताया कि जिले में आदर्श गौशालाएं संचालित हों इस कार्य में ग्रामीण विकास विभाग के अमले की महती भूमिका है। समय पर उन्हें राशि प्राप्त हो इसके लिए संबंधित गौशाला का पंजीयन कार्य गौ संवर्धन बोर्ड में कराने की प्रक्रिया पूरी की जाए। वहीं जन सहयोग अधिक से अधिक गौशालाओं में प्राप्त हो। स्थानीय रहवासी अपनी गौशाला समझकर योगदान दें इसके लिए जन जागृति कार्यक्रमों के साथ-साथ आत्मीय लगाव बढ़े। उन्होंने नव निर्वाचित पंचायत जनप्रतिनिधि खासकर पंच, सरपंच से कहा कि बेहतर काम कर क्षेत्र का नाम रोशन ही ना करें बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए मिसाल कायम करें। उन्होंने गौकास्ट मशीन, वायोगैस संयंत्र, बिजली की आपूर्ति, संचालित गौशालाओं में रखे आश्रय हेतु गौवंश के भरण-पोषण (चारा भूसा की राशि) मनरेगा के तहत प्रगति व अप्रारंभ गौशाला में कार्यों को कराने, निराश्रित गौवंशों की विकासखण्डवार जानकारी ही नहीं ली बल्कि उन्होंने प्रत्येक गौशाला के संचालकों से संवाद कर उनके अनुभवों का सांझा कराया है।

                उपरोक्त समीक्षा बैठक में एसडीएम गोपालसिंह वर्मा के अलावा जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ दयाशंकरसिंह, सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक डॉ पीके मिश्रा, पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डॉ ओमप्रकाश गौर, आरईएस के कार्यपालन यंत्री शरद तंतुवाय के अलावा समस्त जनपदों के सीईओ एवं ग्रामी विकास विभाग के अन्य अधिकारी तथा सरपंच एवं गौशाला को संचालित करने वाले तथा सचिव मौजूद रहे।