अवयस्क बालिका के साथ गलत काम करने वाले आरोपी को 10 वर्ष का कठोर कारावास

माननीय न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो विदिशा सुश्री प्रतिष्ठा अवस्थी की अदालत ने सुनाई सजा

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल@विदिशा रमाकांत उपाध्याय/  ..

माननीय न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो विदिशा सुश्री प्रतिष्ठा अवस्थी की अदालत ने  शासन की और से पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक श्रीमति प्रतिभा गौतम के साक्ष्य व तर्कों से सहमत होते हुए 20 वर्षीय आरोपी संजीव गुर्जर को दोषी पाते हुए भादंवि की धारा 376(2)(एन) में 10 वर्ष का सश्रम कारावास 5000/-रूपये का अर्थदंड एवं भादंवि की धारा 366 में 7 वर्ष का कठोर सश्रम कारावास एवं 2000/-रूपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।

मिली जानकारी के अनुसार 24 जनवरी 2019 को फरियादी का पिता सुबह करीब 6 बजे अपनी किराने की दुकान पर गया था दिन में करीब 12 बजे वह खाना खाने अपने घर पहुंचा था तो उसने अपनी मां से अपनी बेटी के बारे में पूछा था तो उसकी मां ने बताया था कि स्कूल से नहीं आयी है फिर उसने बेटी को सभी जगह रिश्तेदारों में ढूंढा लेकिन उसका कोई पता नहीं चला था। बेटी का मानसिक संतुलन भी ठीक नहीं है। पिता ने घटना की रिपोर्ट थाना कोतवाली में की। रिपोर्ट के आधार पर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के बाद पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर चलन न्यायालय में पेश किया । जहां विद्वान विशेष न्यायाधीश सुश्री प्रतिष्ठा अवस्थी के न्यायालय द्वारा प्रकरण में आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए 10 वर्ष का कठोर कारावास से दण्डित किया गया।