श्रीकृष्ण जन्म कथा का प्रसंग सुन भाव विभोर हो उठे श्रद्धालु

श्रीमद्भागवत कथा का समापन आज, होगा विशाल भंडारा
स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल@ गंजबासौदा रमाकांत उपाध्याय/

नटेरन तहसील अंतर्गत ग्राम किशनपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञानयज्ञ महोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण की जन्म कथा का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे, श्रीकृष्ण जन्म की खुशी में बधाई गीतों के साथ नृत्य करते देखे गए

कथा का वाचन करते हुए अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित महेन्द्रकृष्ण शास्त्री जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्तों का उद्धार व पृथ्वी को दैत्य शक्तियों से मुक्त कराने के लिए अवतार लिया था। उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं। 
कथा व्यास महेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने बताया कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान की लीला वे स्वयं ही समझ सकते हैं। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए।  

कथा का संगीतमयी वर्णन सुन श्रद्धालुगण झूमने लगे। कथा सुनने के लिए भारी संख्या में महिला पुरुष सहित बच्चे भी पहुँच रहे हैं। कथा का समापन 6 सितंबर सोमबार को किया जाएगा। इस दिन कथा का समय सुवह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेगा। 

विशाल भंडारे का आयोजन
श्रीमद्भागवत कथा के मुख्य यजमान पूर्व सरपंच शोभाराम जी जिंगारिया, हरिओम जी जिंगारिया, जगदीश जी जिंगारिया, गोविन्द जी जिंगारिया (एकाउण्टेण्ट एडवोकेट), दिनेश जी जिंगारिया एवं समस्त जिंगारिया परिवार ने सभी श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होकर धर्मलाभ व भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।