Ganjbasoda बुरे का निषेध करना ही कानून है- एडीजे शर्मा जी

सैण्ट एसआरएस पब्लिक हायर सैकण्डरी स्कूल के एनएसएस शिविर में अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश ने छात्रों को भारत के कानूनों के बारे में समझाया, विहिप क्षेत्रमंत्री ने राष्ट्रभक्ति पर जोर दिया,

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ गंजबासौदा रमाकांत उपाध्याय/ 9893909059 

समाज जिस चीज और कृत्य को बुरा मानता है, उसका निषेध करने का नाम ही कानून या लाॅ है। संविधान प्रदत्त अधिकारों और कर्तव्यों के परे किए जाने वाले कार्य विधान के लिए भारतीय दण्ड संहिता बनाई गई है। ताकि हम बेहतर भारत और भविष्य की रचना कर सकें। यह बात स्थानीय सैण्ट एस आर एस पब्लिक हायर सैकण्डरी स्कूल की बालक और बालिका ईकाई के एन एस एस शिविर में आयेाजित विधिक साक्षरता शिविर में माननीय अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार शर्मा ने छात्रों को भारत के कानूनों के बारे में समझाते हुए कही। उन्होंने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों को बिना लायसेंस के वाहन चलाना प्रतिबंधित होता है।

उन्होंने साइबर क्राइम के बारे में सचेत करते हुए बच्चों को समझाया कि आप जिस मोबाइल और नेट के माध्यम से संचार क्रांति में हिस्सा ले रहे हैं, उसी में साइबर क्राइम पनप रहा है। आप लालच या डर के कारण अपनी गोपनीय जानकारी शेयर न करें अन्यथा आप या आपके पालक का बैंक बैलेंस कुछ ही पलों में गायब हो जाएगा। वैसे बच्चों को मोबाइल का कम से कम उपयोग करना चाहिए। इस मौके पर स्वयं सेवकों ने न्याय, कानून और न्यायाधीशों की नियुक्ति और उनकी जीवन शैली पर रोचक एवं उत्सुकतापूर्ण सवाल किए। जिनके जबाव माननीय न्यायाधीश श्री शर्मा एवं सहयोगी न्यायाधीश राहुल निरंकारी ने दिए।

इस मौके पर अधिवक्ता संघ के पूर्व सचिव मुकेश रघुवंशी ने अतिथियों का परिचय कराया। इस मौके पर आशीर्वाद देने के लिए  अंतरराष्ट्रीय संत श्रीराम कमल दास जी वेदांती, महंत हरिहर दास जी, अधिवक्ता नरेन्द्र व्यास, अधिवक्ता जितेन्द्र सोलंकी उपस्थित रहे। आभार संस्था के डायरेक्टर के एस यादव ने माना। 


एन एस एस बौद्धिक सत्र के दूसरे चरण में विश्व हिन्दू परिषद के क्षेत्र मंत्री राजेश तिवारी ने स्वयं सेवकों को सम्बोधित करते हुए बताया कि एन एस एस के आदर्श पुरूष स्वामी विवेकानंद जी हैं, उनके जीवन से हम शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य और उन्नत होने की शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। भारत की पहचान उसकी आध्यात्मिकता के कारण है, स्वामी जी ने भारत की संस्कृति और आध्यात्मिकता को विश्व के समक्ष रखा। इस मौके पर एनएसएस के लक्ष्य व्यक्तित्व निर्माण पर बोलते हुए उन्होंने सूत्र सेवा, राष्ट्रभक्ति पर विचार व्यक्त किए ।उन्होंने सांकेतिक रूप से समझाया कि हमारा देश गुलाम रहा, क्योंकि हम सज्जन लोग कभी संगठित नहींहो सके। अधिवक्ता नरेन्द्र व्यास ने विधि के नियम गौतम ऋषि की कहानी से शुरू होना बताया।

इस मौके पर एनएसएस प्रभारी कृष्णपाल सिंह चौहान ने आभार व्यक्त किया। संचालन दिनकर कद्रे एवं राजेश यादव ने किया। ग्राम में रैली निकाली गई, स्वयंसेवको ने श्रमदान कर साफ-सफाई की। 

कार्यक्रम में एनएसएस बालिका ईकाई प्रभारी श्रीमती रत्ना देशपाण्डे, प्रियंका अग्रवाल, रामेश्वर शर्मा, विशाल कुशवाह, कृष्णकांत बैरागी, विक्रांत सोनी ने सहयोग किया।