गरिमावान शिक्षक हमेशा सम्मानीय होते है : केएस यादव

सैण्ट एस.आर.एस. स्कूल में छात्रों ने किया शिक्षकों का सम्मान

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल@गंजबासौदा रमाकांत उपाध्याय/ 

शिक्षक शब्द ही महानता का प्रतीक है, हमारे देश में शिक्षकों को परमात्मा के समतुल्य रखा गया है। लेकिन शिक्षक तब पूज्यनीय होता है, जब वह गरिमा, मर्यादा और गुरूत्व को धारण किए होता हैं। यह बात स्थानीय सैण्ट एस.आर.एस. पब्लिक हायर सैकण्डरी स्कूल में छात्रों द्वारा आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में संस्था के डायरेक्टर केएस यादव ने छात्रों एवं शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहीं। उन्होंने बताया कि हम जीवन में कितनी भी उचाई छू ले, लेकिन हमें अपने छात्र जीवन के उन गुरूओं का हमेशा स्मरण रहता है, जिनके माध्यम से हम जीवन में उंचाई प्राप्त करते है। 

कार्यक्रम में संस्था की काउंसलर श्रीमती संघमित्रा यादव ने बताया कि शिक्षक उस महान पात्र की तरह होता है, जिसमें शिष्य जब चाहे, जितना चाहे ज्ञान अपने पात्र में भर सकता है। संस्था प्राचार्य उमेश चंद्र यादव ने शिक्षक एवं छात्रों का जीवन अनुभव के आधार पर मार्गदर्शन किया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती पूजन के साथ हुआ, छात्राओं अक्षदा देशपांडे, देवांशी रघुवंशी, सोम्या तिवारी, स्मृति रघुवंशी ने सरस्वती वंदना एवं गुरू वंदना की संगीतबद्ध प्रस्तुति दी। इसके बाद स्कूल के समस्त शिक्षकों का रोली तिलक एवं उपहार भेंट कर सम्मान किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों के मनोरंजन के लिए ज्ञानवर्धक खेलों का आयोजन कर कार्यक्रम को खुशनुमा माहौल प्रदान किया।

कार्यक्रम में संस्था की मैनेजर श्रीमती सुधा यादव, वरिष्ठ शिक्षक डाॅ विजय कुमार जैन, श्रीमती रत्ना देशपांडे, श्रीमती रजनी गुप्ता,  कृष्णपाल सिंह चैहान, प्रीति माथुर, प्रशांत उंदवार, दीपेश मीणा, प्रियंका अग्रवाल, अंकित गुप्ता, रामनारायण श्रीवास्तव, दिनकर कद्रे, मयंक मिश्रा, विशाल कुशवाह, विक्रांत सोनी, डाॅ कमला चतुर्वेदी, रिद्धी श्रीवास्तव, श्रीमती सुमन श्रीवास्तव, ममता कुशवाह, हेमलता शर्मा, रूचि अग्रवाल, डाॅली तिवारी, श्रुति अग्रवाल, सुपाश्र्व जैन, हिमांशी जैन सहित शिक्षक परिवार शामिल हुआ।