Ganjbasoda राष्ट्र में चित्र नहीं चरित्र की पूजा होती है – डॉ. वेदांती जी

सैण्ट एस आर एस पब्लिक हायर सैकण्डरी स्कूल द्वारा वेदांत आश्रम में एन एस एस बालक एवम् बालिका इकाई के शिविर का आयोजन

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ गंजबासौदा रविकांत उपाध्याय/ 

स्वामी विवेकानंद जी जब शिकागो में थे, तब दूसरे धर्म के लोगों ने उनके वस्त्रों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि तुम एक ही रंग के कपड़े पहनते हो। तब स्वामी विवेकानंद जी ने लोगों को निरूत्तर करते हुए बताया कि तुम चित्र यानि वेशभूषा के पूजक हो जबकि हम चरित्र के पूजक हैं। हमारे देश में चित्र की नहीं बल्कि चरित्र की पूजा होती है। राम, कृष्ण हमारे आदर्श चरित्र हैं जिन्हें हम जीते हैं।
यह बात स्थानीय सैण्ट एस आर एस पब्लिक हायर सैकण्डरी स्कूल द्वारा वेदांत आश्रम में आयेाजित एन एस एस बालक एवम् बालिका इकाई के शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित द्वाराचार्य अंतराष्ट्रीय संत डा.राम कमल दास जी वेदांती जी ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने बताया कि मनु स्मृति में मनु महाराज ने कहा है कि पुनः मनो भवः, अर्थात दुबारा से मनुष्य बनो। जिसका अभिप्राय केवल शरीर से मनुष्य होना नहीं, बल्कि ज्ञान और विवेक से मनुष्य बनो। इस अवसर पर संत हरि हर दास जी ने सेवा के महत्व को उदाहरणों के द्वारा समझाया

ज्ञात हो कि शिविर के दूसरे दिन कैरियर गाइडेंस पर स्वयंसेवकों को मार्गदर्शन का विषय रखा गया था। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में नागरिक बैंक के सहायक मैनेजर परवेज फजलानी ने सारगर्भित ढंग से समझाया कि पहले लक्ष्य का निर्धारण करें फिर ज्ञान और दिनचर्या को व्यवस्थित करें। इसके बाद अपनी पहचान निर्धारित कर निरंतर होमवर्क करते रहें। तब सफलता की ओर बढ़ा जा सकता है। इस मौके पर ग्राम नोघई में पदस्थ व्याख्याता नीलेश जैन ने बताया कि पहला चुनाव का मौका कक्षा दसवी के बाद आता है, तब अपनी पसंद को पहचान कर विषय का चुनाव करें और कक्षा बारह के बाद कैरियर के लिए मार्गदर्शन लेते हुए आगे बढ़े। निरंतर परिश्रम, सही दिशा में उठाया गया कदम सफलता का वाहक बन सकता है। कार्यक्रम में संस्था के डायरेक्टर के एस यादव ने सभी वक्ताओं द्वारा बताए हुए मार्ग का नियमित अनुशरण करने का आह्वान किया। आभार बालिका ईकाई प्रभारी श्रीमती रत्ना देशपांडे ने माना।

इस अवसर पर एनएसएस के बारे में विस्तार से राजेश यादव एवं कृष्णपाल सिंह चैहान ने बताया। शिविर के दौरान श्रम कार्य अन्तर्गत स्वयंसेवकों ने परिसर के आसपास स्वच्छता पर कार्य किया। शिविर के बौ़ि़द्धक सत्र में शिक्षक सुपार्श जैन, साधना चक्रवर्ती सहित कई शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे।