पंद्रह दिन से जारी है पटवारियों की कलमबंद हड़ताल, ठप्प हुए राजस्व कार्य

जमीन के नक्शे, आय जाति प्रमाणपत्र , खसरा की रिपोर्ट, अन्न उत्सव के साथ-साथ शासन और राजस्व विभाग के संबंधित कई काम अटके, मांगे नहीं मानने तक जारी रहेगी हड़ताल,

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल@भोपाल.गंजबासौदा रमाकांत उपाध्याय/

तीन सूत्रीय मांगों को लेकर मध्य प्रदेश के 19 हजार पटवारियों की कलमबंद हड़ताल पिछले 15 दिनों से जारी होने से राजस्व संबंधी कार्य ठप्प हो गए हैं जिससे पक्षकारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस बार पटवारियों ने अपनी मांगे पूरी करने के लिए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। माँगो को लेकर मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने प्रदेश के राजस्व मंत्री से भी मुलाकात की थी, लेकिन इस मुलाकात में भी बात नहीं बनी। सरकार ने पटवारियों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन डेटलाइन तय नहीं की गई थी, ऐसे में पटवारी डेटलाइन पर अड़े हुए है।

मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह बाघेल कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक पटवारी काम पर नहीं लौटेंगे। ज्ञात हो कि पटवारियों की हड़ताल का पंद्रहवाँ दिन है। एमपी के 19 हजार से अधिक पटवारियों की कलमबंद हड़ताल की वजह से राजस्व संबंधी काम रुक गए हैं। पटवारी की हड़ताल से जमीन के नक्शे, आय जाति प्रमाणपत्र , खसरा की रिपोर्ट, अन्न उत्सव के साथ-साथ शासन और राजस्व विभाग के संबंधित कई काम अटक गए हैं। 

पटवारी कर रहे ग्रेडपे बढ़ाने की मांग
मध्य प्रदेश पटवारी संघ वेतन बढ़ाए जाने की मांग कर रहा है। पटवारी संघ ने पटवारियों का वेतन ग्रेड पे 2100 से बढ़ाकर 2800 करने की मांग की है। सरकार 2800 की जगह वेतन का ग्रेड पे बढ़ाकर 2400 करने के लिए राजी हो गया है।
लेकिन मप्र पटवारी संघ ग्रेड पे बढ़ाने पर अटका है जबकि सरकार भी पटवारियों को आर्थिक लाभ देने पर राजी हो गई है, लेकिन डेटलाइन तय नही होने से मामला अटका हुआ है।

गृह जिले में पदस्थापना हो

वर्तमान में कई पटवारियों को गृह जिले से सैकड़ों किलोमीटर दूर पदस्थ कर दिया गया है। उन्होंने ग्रह जिले में पदस्थापना की मांग की जा रही है। 

नवीन पटवारियों की CPCT की अनिवार्यता संबंधी नियम समाप्त किया जाए।

पटवारी संघ पिछले जून 21 से ही माँगो को लेकर सरकार के खिलाफ लामबंद होने की तैयारी कर रहा था। ज्ञापन के माध्यम से अवगत भी कर दिया था। उन्होंने 2 से 4 अगस्त तक अवकाश लेकर सामूहिक हड़ताल की थी, उसके बाद 5 अगस्त को वेब पोर्टल संबंधित कामों का बंद कर दिया था। जबकि 10 अगस्त से पटवारी संघ कलमबंद हड़ताल पर चला गया। और अनिश्चितकालीन हड़ताल चालू है। प्रदेश भर में तहसील व ब्लॉक स्तर पर पटवारी धरना दे रहे हैं।