Varansi गुप्त नवरात्रि का शास्त्रों में है बड़ा महत्व – आचार्य वैभव

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ वाराणसी उत्तरप्रदेश रमाकांत उपाध्याय/ 9893909059

{ वाराणसी के प्रसिद्ध विद्वान आचार्य वैभव वशिष्ठ जी से जानिए गुप्त नवरात्रि का महत्व, पूजन विधि-विधान }


 2 फरवरी 2022 दिन बुधवार से गुप्त नवरात्र प्रारंभ होकर 10 फरवरी 2022 तक रहेंगे। धर्म शास्त्रों में गुप्त नवरात्र का बड़ा महत्व है कहा जाता है कि इन गुप्त नवरात्रों में मां भगवती की राजोपचार पूजन का बड़ा महत्व है यदि मां भगवती की पूजन अर्चन यदि इन दिनों रात्रि में की जाए तो मां भगवती से मन इक्षित कामना की सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं नवरात्र पर्व में अखंड दीप स्थापित करें कलश स्थापित कर मां भगवती की प्रतिमा स्थापित कर नवार्ण मंत्र का जाप अवश्य करें। तथा नवरात्र पर्व में मां भगवती के सहस्त्र अर्चन का भी विशेष महत्व होता है।

  • प्रथम दिवस में मां भगवती को सहस्त्र नामों से कुमकुम अर्पित करें। 
  • द्वितीय दिवस में मां भगवती को सहस्त्र नामों से अक्षत अर्पित करें।
  • तृतीय दिवस में मां भगवती को सहस्त्र नामों से रक्त पुष्प अर्पित करें।
  • चतुर्थ दिवस में मां भगवती को सहस्त्र नामों से मेवा दाग काजू किसमिस आदि अर्पित करें।
  • पंचम दिवस में मां भगवती को सहस्त्रनाम से अबीर गुलाल आदि अर्पित करें
  • षष्टम दिवस में मां भगवती को सहस्त्र नामों से सिंदूर अर्पित करें।
  • सप्तम दिवस में मां भगवती को सहस्त्र नामों से बिल्वपत्र अर्पित करें।
  • अष्टम दिवस में मां भगवती को सहस्त्र नामों से सौभाग्य की कोई भी एक सामग्री अर्पित करें।
  • नवम दिवस में मां भगवती को सहस्त्रनाम से फल अर्पित करें।

इस प्रकार क्रम से अर्चन करने से पूजन करने से आप किसी भी कार्य की सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं यदि नव अर्चन ना हो सके तो किसी भी दिन एक अर्चन जरूर करें तथा जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति ठीक ना होने पर जीवन की कोई भी समस्या के लिए प्रतिदिन एक कन्या का पूजन करना बहुत ही लाभकारी होगा मां भगवती का आशीर्वाद आपके परिवार पर आप पर हमेशा बना रहे यथा योग्य मां भगवती का पूजन अर्चन अवश्य ही करें।

आचार्य वैभव वशिष्ठ
फलित ज्योतिष एवं अनुष्ठान केंद्र
वाराणसी उत्तर प्रदेश
मो.६२६००३९१४६