गुरुदेव के साहित्य में सभी समस्याओं का समाधान : डॉ पंड्या जी

शान्तिकुंज हरिद्वार में सद्गुरु ज्ञानगंगा साहित्य स्थापना अभियान के शुभारंभ पर भव्य शोभायात्रा निकाली गयी

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @शान्तिकुंज हरिद्वार रमाकांत उपाध्याय/

अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुंज हरिद्वार में अनंत चतुर्दशी रविवार को स्नेह सलिला माता भगवती देवी शर्मा के 95वें जन्मदिवस पर सद्गुरु ज्ञानगंगा साहित्य स्थापना अभियान के शुभारंभ पर भव्य शोभायात्रा निकाली गयी। शोभायात्रा में आश्रमवासी, गायत्री परिजन विभिन्न साधना शिविरों से आए साधकों ने सिर पर युग साहित्य धारण किए चल रहे थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गायत्री परिवार प्रमुख डॉ प्रणव पंड्या जी ने कहा कि परम पूज्य गुरुदेव के साहित्य में समस्त समस्याओं का समाधान निहित है। उनके साहित्य का अध्ययन करें। मनन करें और उसे व्यावहारिक जीवन में उतारें। उन्होंने कहा कि पचास वर्ष पूर्व जिस स्थान से शांतिकुंज की शुरुआत हुई, उसकी प्रगति देख सभी प्रसन्न हैं। इस अवसर पर उन्होंने महाशक्ति की लोकयात्रा (माता भगवती देवी शर्मा की जीवन यात्रा) पर आधारित आडियो बुक का विमोचन किया।

शोभायात्रा गायत्री परिवार के जनक युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी शर्मा की पावन समाधि से साहित्यों के पूजन के साथ प्रारंभ हुई। शोभायात्रा की अग्रिम पंक्ति में शंख, मंजिरा, ढपली, बैंड के साथ सुमधुर गीत गाते हुए संगीत की टोली चल रही थी तो वहीं भव्य झांकियां सभी को सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। बच्चे से लेकर सभी आयु के भाई-बहन उत्साह के साथ गीत गाते चल रहे थे। शोभायात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। विभिन्न स्थानों से गुजरती हुई शोभायात्रा शांतिकुंज के मुख्य द्वार पहुंची। जहां अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डा. प्रणव पंड्या और शैलदीदी ने पूजन किया।

ऋषियुग्म की पावन समाधि स्थल पहुंचने के साथ ही शोभायात्रा सभा के रूप में परिवर्तित हो गयी। शांतिकुंज के वरिष्ठ भाइयों ने ज्ञानगंगा के अवतरण के इस क्रम को सतत चलाते रहने की प्रेरणा दी। महाआरती और जयघोष के बाद सभा का विसर्जन हुआ। सद्गुरु ज्ञानगंगा सद्ग्रंथ स्थापना के इस क्रम में देश-विदेश के अनेक शाखाओं की ओर से भी भव्य शोभायात्रा निकाली गयी और माताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की। सायंकाल दीपमहायज्ञ में सद्ज्ञान के विस्तार के लिए जन-जन तक युगसाहित्य पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या लोग संकल्पित हुए।

घर घर स्थापना अभियान का शुभारंभ


प्रज्ञा की पराकाष्ठा श्रीराम शर्मा आचार्य जी के ज्ञानग्रंथ, गुरुग्रंथ, ज्ञाननिधि, ज्ञान संपदा को घर-घर स्थापना अभियान का शुभारंभ किया। जिसमें वांग्मय प्रथम भाग (युग दृष्टा का जीवन दर्शन), गायत्री महाविज्ञान संयुक्त और क्रान्ति धर्मी साहित्य सेट और वसीयत और विरासत की स्थापना की गई

घर-घर अलख जगायेंगे, हम बदलेंगे जमाना।
ज्ञान यज्ञ की लाल मशाल, सदा जलेगी, सदा जलेगी।
ज्ञान क्रांति, विचार क्रांति घर-घर जन-जन तक एक आंदोलन के रूप में पूरे देश और दुनिया के जनमानस का परिष्कार परिमार्जन करने के लिए गुरुदेव के क्रांतिकारी विचारों को स्थापित करने की एक महती योजना शांतिकुंज गायत्री-तीर्थ के स्वर्ण जयंती वर्ष के कार्यक्रमों की श्रृंखला में शुभारंभ की जा रही है।