प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंदौर में वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से “गोबर-धन (बायो-सीएनजी) संयंत्र” का किया उद्घाटन

समय के साथ इंदौर ज्यादा अच्छे के लिए बदला लेकिन देवी अहिल्याबाई की प्रेरणा कभी नहीं खोई और आज इंदौर भी स्वच्छता और नागरिक कर्तव्य की याद दिलाता है”

“कचरे से गोबर धन, गोबर धन से स्वच्छ ईंधन, स्वच्छ ईंधन से ऊर्जा एक जीवन पुष्टि श्रृंखला है”

“आने वाले दो वर्षों में 75 बड़े नगर निकायों में गोबर धन बायो सीएनजी संयंत्र स्थापित किए जाएंगे”

“सरकार ने समस्याओं के त्वरित अस्थायी समाधान के बजाय स्थायी समाधान प्रदान करने का प्रयास किया है”

“2014 से देश की कचरा निपटान क्षमता में 4 गुना वृद्धि हुई है। एकल उपयोग प्लास्टिक से छुटकारा पाने के लिए 1600 से अधिक निकायों को सामग्री रिकवरी की सुविधा मिल रही है”

“सरकार का प्रयास अधिकांश भारतीय शहरों को जल समृद्ध (वाटर प्लस) बनाना है। स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में इस पर जोर दिया जा रहा है।”

“हम अपने सफाई कर्मचारियों के प्रयासों और समर्पण के लिए उनके ऋणी हैं”

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ नई दिल्ली इंदौर रविकांत उपाध्याय/

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंदौर में वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से “गोबर-धन (बायो-सीएनजी) संयंत्र” का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई सी. पटेल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, डॉ. वीरेंद्र कुमार और कौशल किशोर उपस्थित थे।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत रानी अहिल्याबाई को श्रद्धांजलि देने और इंदौर शहर से उनके जुड़ाव को याद करने के साथ की। उन्होंने कहा कि इंदौर का उल्लेख देवी अहिल्याबाई होल्कर और उनकी सेवा भावना की याद दिलाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि समय के साथ इंदौर ज्यादा अच्छे के लिए बदला, लेकिन देवी अहिल्याबाई की प्रेरणा कभी नहीं खोई और आज इंदौर भी स्वच्छता और नागरिक कर्तव्य की याद दिलाता है। श्री मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम में देवी अहिल्याबाई की सुंदर प्रतिमा का भी उल्लेख किया।

आने वाले दो वर्षों में 75 बड़े नगर निकायों में गोबर धन बायो सीएनजी संयंत्र स्थापित किए जाएंगे

प्रधानमंत्री ने गोबर धन के महत्व पर जोर दिया और बताया कि गीला शहरी घरेलू कचरा और मवेशियों तथा खेत से निकलने वाला कचरा गोबर धन है। उन्होंने कहा कि कचरे से गोबर धन,गोबर धन से स्वच्छ ईंधन और स्वच्छ ईंधन से ऊर्जा, ये श्रृंखला जीवनदान का निर्माण करती है। प्रधानमंत्री ने बताया कि आने वाले दो वर्षों में 75 बड़े नगर निकायों में गोबर धन बायो सीएनजी संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा,”यह अभियान भारतीय शहरों को स्वच्छ बनाने, प्रदूषण रहित बनाने और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में लंबा सफर तय करेगा।” प्रधानमंत्री ने कहा कि सिर्फ शहरों में ही नहीं, गांवों में भी गोबर धन के संयंत्र लग रहे हैं, जिससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी हो रही है। उन्होंने कहा कि इससे भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के साथ-साथ आवारा और असहाय मवेशियों की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले सात वर्षों के दौरान सरकार ने समस्याओं के त्वरित अस्थायी समाधान के बजाय स्थायी समाधान देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में सरकार हजारों एकड़ भूमि पर फैले लाखों टन कचरे को हटाने के लिए काम कर रही है जिससे वायु और जल प्रदूषण हो रहा है और इनसे कई बीमारियां हो रही हैं। स्वच्छ भारत अभियान ने महिलाओं की गरिमा और शहरों तथा गांवों के सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि अब गीले कचरे के निस्तारण पर ध्यान दिया जा रहा है। सरकार अगले 2-3 साल में कचरे के इन पहाड़ों को हरित-क्षेत्र में बदलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इस बात पर भी प्रसन्नता व्यक्त की कि 2014 के बाद से देश की कचरा निपटान क्षमता में 4 गुना वृद्धि हुई है। एकल उपयोग प्लास्टिक से छुटकारा पाने के लिए 1600 से अधिक निकायों को सामग्री रिकवरी की सुविधा मिल रही है।

प्रधानमंत्री ने स्वच्छता और पर्यटन के बीच की कड़ी को भी रेखांकित किया और कहा कि जहां स्वच्छता होती है वहां पर्यटन होता है और वहां एक नई अर्थव्यवस्था चल पड़ती है। उन्होंने इस संबंध में उदाहरण के तौर पर स्वच्छ शहर के रूप में इंदौर की सफलता में रुचि का हवाला दिया। उन्होंने कहा, “सरकार का यह प्रयास है कि अधिक से अधिक भारतीय शहरों को जल समृद्ध (वाटर प्लस) बनाया जाए। स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में इस पर जोर दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण में वृद्धि का उल्लेख किया जो पिछले 7-8 वर्षों में 1 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 8 प्रतिशत हो गया है। इस अवधि के दौरान इथेनॉल की आपूर्ति 40 करोड़ लीटर से बढ़कर 300 करोड़ लीटर हो गई, जिससे चीनी मिलों और किसानों को मदद मिली।

प्रधानमंत्री ने बजट में लिए गए एक अहम फैसले के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि यह निर्णय लिया गया है कि कोयला आधारित बिजली संयंत्र भी पराली का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की परेशानी कम करने में मदद मिलेगी और किसानों को कृषि-कचरे से अतिरिक्त आय भी होगी।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अथक रूप से स्वच्छता कार्य करने के लिए देश के लाखों सफाई कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने महामारी के दौरान सेवा की भावना के लिए विशेष रूप से उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे उन्होंने कुंभ के दौरान प्रयागराज में सफाई कर्मियों के पैर धोकर उनके प्रति उन्होंने अपना सम्मान दिखाया था।

 

सर्कुलर इकोनामी” तथा “वेस्ट टू वेल्थ” के सिद्धांतों के अनुरूप है इंदौर का प्लांट -केंद्रीय मंत्री श्री पुरी

केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि “आज से चार वर्ष पहले जब मैं इंदौर में एक कॉन्फ्रेंस के लिए आया था तब जापान से शामिल हुए मंत्री से चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि इंदौर शहर में उन्होंने बहुत कुछ देखा पर कचरा नहीं देखा। इंदौर भारत का सबसे स्वच्छ शहर है इसमें कोई दो राय नहीं है। लगातार 5 वर्षों से स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रथम आकर इंदौर ने देश में कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि इंदौर देश का पहला शहर था, जिसे वाटर प्लस स्टेटस प्रमाणित किया गया। इंदौर की शानदार सफलता का श्रेय प्रदेश की सरकार को जाता है। प्रदेश के अन्य शहर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, देवास, सिंगरोली, बुरहानपुर और राजगढ़ ने भी स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा वेस्ट-टू-वेल्थ के सिद्धांत पर जोर दिया जाता रहा है, इसलिए इंदौर का यह बायो सीएनजी प्लांट हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इंदौर गार्बेज मुक्त शहर और सस्टेनेबल विकास की दिशा में एक नई मिसाल कायम करने जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इंदौर की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण परियोजनाओं का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर के अपनी तरह के अनोखे गोबर धन सीएनजी संयंत्र के लोकार्पण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी सहित सभी वर्चुअली और एक्चुअली उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी की प्रेरणा से इंदौर ने ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। हमें गर्व है कि गीले कचरे से सीएनजी बनाने वाले इस एशिया के सबसे बड़े गोबर-धन प्लांट का आज प्रधानमंत्री जी वर्चुअल लोकार्पण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्वच्छता और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर पूरी दुनिया को दिशा दी है। प्रधानमंत्री जी के लिए विश्व के अन्य देशों के प्रमुख वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड और वन नरेन्द्र मोदी जैसी प्रशंसनीय उक्ति का प्रयोग करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पूरे संसार के कल्याण की बात को ग्लोबल गुड, पी-3 एप्रोच, मिशन लाइफ, वेस्ट-टू-वेल्थ और पंचामृत के माध्यम से सामने रखा है।

प्रधानमंत्री जी के इस पर्यावरण हितैषी मंत्र और संकल्प को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश ने अमल प्रारंभ किया है। मध्यप्रदेश उनके इस मंत्र को धरती पर उतारने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव भारत की प्रगति के लिए केवल अमृत महोत्सव नहीं बल्कि स्वर्ण काल है। मध्यप्रदेश स्वच्छता और पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर दिखाएगा।

इंदौर के प्रयास सबसे अलग

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इंदौर देश का पहला वॉटर प्लस शहर है। यहाँ डस्ट फ्री शहर, इंदौर बिन फ्री के साथ जीरो वेस्ट कॉलोनी, जीरो वेस्ट इवेंट, जीरो वेस्ट मार्केट और जीरो वेस्ट वार्ड विकसित किए जा रहे हैं। इंदौर शहर के 21 बाजार जीरो वेस्ट मार्केट घोषित हुए हैं, जहाँ सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह प्रतिबंधित है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि इंदौर में झोलाधारी इंदौरी अभियान का आगाज भी किया गया है। उन्होंने कहा कि इंदौर नगरीय क्षेत्र की स्लम बस्तियों को ग्रीन स्लम के रूप में विकसित करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। सरस्वती एवं कान्ह रिवर लाइफ लाइन प्रोजेक्ट नदियों के पुनर्जीवन के आंदोलन का प्रतीक है। इंदौर शहर के पुराने कचरे के पहाड़ों को वैज्ञानिक पद्धति से समाप्त किया गया है। भोपाल सहित अन्य शहरों में भी ऐसे प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पंचामृत का मंत्र दिया है। इस मंत्र के अनुरूप मध्यप्रदेश में सोलर एनर्जी और बायोमास के उपयोग को भी आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है।

पशुपालकों और किसानों से खरीदेंगे गोबर

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह प्लांट इंदौर के आसपास के ग्राम से पशुपालकों और किसानों से गोबर और अन्य कचरे को क्रय कर धन बनाने वाला संयंत्र होगा। अनेक परिवारों को इस प्लांट से स्थायी रोजगार मिल रहा है। कचरे के साथ गोबर का उपयोग बैक्टीरिया डेवलप करने की प्रोसेसिंग में किया जाएगा। इंदौर में बाजार मूल्य से 5 रूपए प्रति किलो कम कीमत पर सिटी बसों के लिए सीएनजी की उपलब्धता होगी। प्लांट में शुरूआती दौर में 21 प्रतिशत और अगले तीन वर्ष में शत-प्रतिशत सौर ऊर्जा का उपयोग होगा। इंदौर शहर को कार्बन क्रेडिट का लाभ मिलेगा। साथ ही इस प्लांट से आगामी 20 वर्ष तक इंदौर नगर निगम को प्रति वर्ष 2 करोड़ 52 लाख प्रीमियम मिलता रहेगा।

अंकुर अभियान, वृक्षारोपण और जन-भागीदारी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने बिजली बचाने को बिजली बनाने के बराबर बताया है। इसलिए मध्यप्रदेश ऊर्जा साक्षरता अभियान चलाकर बिजली बचाने के काम में भी लगा हुआ है। स्वच्छता अभियान हमारा शहर और गाँव में भी चल ही रहा है, लेकिन एक और अभियान अंकुर अभियान पर्यावरण को बचाने के लिए संचालित किया जा रहा है। मैं भी रोज एक पौधा लगाता हूँ, लेकिन अब लगभग 6 लाख लोग ऐसे हो गए हैं, जो  हर विशेष प्रसंग पर एक पौधा लगाकर पर्यावरण बेहतर करने का प्रयास करते हैं। प्रधानमंत्री जी के संकल्पों को जमीन पर उतारने में मध्यप्रदेश कोई कसर नहीं छोडेगा। आत्म-निर्भर भारत के लिए आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लिए हम कृत संकल्पित है। मध्यप्रदेश की जनता जन-भागीदारी के माध्यम से भी बहुत बेहतर काम कर रही है और इंदौर इसका बहुत अच्छा उदाहरण है।

कचरा मुक्त शहर बनाने के समग्र दृष्टिकोण की पूर्ति करेगा प्लांट – मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा

गृह मंत्री एवं इंदौर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशन में कोरोना काल की विपरीत परिस्थिति में भी मध्यप्रदेश निरंतर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपनों और संकल्पों को पूरा करने की कोशिश करता रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्वच्छता मिशन की शुरुआत कर स्वच्छ देश के निर्माण के लिए एक नई लहर शुरू की है। उन्होंने कहा कि कचरा मुक्त शहर बनाने के समग्र दृष्टिकोण तथा वेस्ट-टू-वेल्थ के सिद्धांत के अन्तर्गत स्थापित इंदौर का यह बायो सीएनजी प्लांट प्रदेश के विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के लिये एक महत्वपूर्ण घटक सिद्ध होगा।

प्लांट पर्यावरण संरक्षण की बुनियाद में मील का नया पत्थर – मंत्री तुलसीराम सिलावट

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि इंदौर की स्वच्छता का डंका पूरे राष्ट्र में बजा है। स्वच्छता का जो संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लिया था उसे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में इंदौर ने पूरा कर दिखाया है। इंदौर में निर्मित एशिया का सबसे बड़ा गोबर धन प्लांट आज देश एवं प्रदेश के लिए पर्यावरण संरक्षण के सफर में मील का नया पत्थर सिद्ध होगा।

शहरी स्वच्छता को नया आयाम मिलेगा – राज्य मंत्री ओपीएस भदौरिया

शहरी विकास एवं आवास राज्य मंत्री ओपीएस भदौरिया ने कहा कि आज ऐतिहासिक दिवस है। प्रधान मंत्री श्री मोदी के वेस्ट-टू-वेल्थ के संकल्प को साकार करने का अभिनव प्रयास आज इंदौर करने जा रहा है। इस बायो सीएनजी प्लांट के लोकार्पण से देश में शहरी स्वच्छता को नया आयाम मिलेगा।

प्रदूषण स्तर में कमी के साथ ही वायु गुणवत्ता में भी सुधार होगा – इंदौर सांसद शंकर लालवानी

सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता के आह्वान पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में इंदौर के जन-प्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वच्छता मित्रों एवं शहर की जनता ने लगातार पाँच बार स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रथम स्थान हासिल किया है। इंदौर में आज लोकार्पित एशिया का सबसे बड़ा बायो सीएनजी प्लांट न केवल प्रदूषण के स्तर को कम करेगा, बल्कि वायु गुणवत्ता में भी सुधार लाएगा।

प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी नेशनल इन्वेस्टमेंट एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड सुजॉय घोष एवं व्यापार आयुक्त दक्षिण एशिया एलन जम्मेल ने गोवर्धन प्लांट की तकनीकी जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से मंत्रीगण, सांसद, विधायक, अन्य जन-प्रतिनिधि सहित नागरिक शामिल हुए।

 

 

प्रति दिन लगभग 17,000 किलोग्राम सीएनजी और 100 टन प्रति दिन जैविक खाद का उत्पादन

प्रधानमंत्री ने हाल ही में “कचरा मुक्त शहर” बनाने के समग्र दृष्टिकोण के साथ स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 का शुभारंभ किया। मिशन को “अपशिष्ट से धन”, और “वृत्तीय अर्थव्यवस्था” के व्यापक सिद्धांतों के तहत संसाधन वसूली को अधिकतम करने के लिए लागू किया जा रहा है – दोनों का उदाहरण इंदौर बायो-सीएनजी संयंत्र में है।

आज उद्घाटन किए गए इस संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन 550 टन गीले जैविक कचरे को अलग करने की है। इससे प्रति दिन लगभग 17,000 किलोग्राम सीएनजी और 100 टन प्रति दिन जैविक खाद का उत्पादन होने की उम्मीद है। प्लांट जीरो लैंडफिल मॉडल पर आधारित है, जिससे कोई कचरा रिजेक्ट नहीं होगा। इसके अतिरिक्त, इस परियोजना से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी, उर्वरक के रूप में जैविक खाद के साथ हरित ऊर्जा जैसे कई पर्यावरणीय लाभ मिलने की उम्मीद है।

इस परियोजना को लागू करने के लिए एक विशेष प्रयोजन वाहनके रूप में इंदौर नगर निगम (आईएमसी) और इंडो एनवायरो इंटीग्रेटेड सॉल्यूशंस लिमिटेड (आईईआईएसएल) द्वारा एक सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल के तहत आईईआईएसएल द्वारा 150 करोड़ रुपये के 100 प्रतिशत पूंजी निवेश के साथ इंदौर क्लीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को स्थापित किया गया है। इंदौर नगर निगम इस संयंत्र द्वारा उत्पादित सीएनजी का न्यूनतम 50% खरीदेगा और अपनी तरह की पहली पहल में, सीएनजी पर 400 सिटी बसें चलाएगा। बाकी उत्पादित सीएनजी खुले बाजार में बेची जाएगी। जैविक खाद कृषि और बागवानी उद्देश्यों के लिए रासायनिक उर्वरकों को बदलने में मदद करेगी।