New delhi राष्ट्रीय महिला आयोग ने की क्षमता निर्माण और संवेदीकरण पर मीडिया कार्यशाला

महिलाओं से संबंधित मुद्दों और मीडिया में महिलाओं के चित्रण के प्रति मीडिया को संवेदनशील बनाना कार्यशाला का उद्देश्य 

मीडियाहाउस में प्रबंधकीय पदों को संभालने अधिक महिलाओं की आवश्यकता: सुश्री रेखा शर्मा

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ नई दिल्ली भारत रमाकांत उपाध्याय / 9893909059

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने महिलाओं से संबंधित मुद्दों और मीडिया में महिलाओं के चित्रण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए ‘मीडिया कर्मियों के लिए क्षमता निर्माण और संवेदीकरण कार्यक्रम’ विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष सुश्री रेखा शर्मा और इंडिया टीवी के अध्यक्ष और प्रधान संपादक  रजत शर्मा उपस्थित थे। 

आयोग ने अनेक विचार प्राप्त करने के लिए विभिन्न मीडिया क्षेत्रों के विशेषज्ञों को कार्यशाला में आमंत्रित किया। प्रसार भारती न्यूज सर्विसेज एंड डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रमुख समीर कुमार, टीवी9 नेटवर्क के कार्यकारी संपादक आदित्य राज कौल, रेड एफएम एंड मैजिक एफएम की सीईओ और निदेशक सुश्री निशा नारायणन, खबर लहरिया की संस्थापक, सुश्री कविता देवी और लेडी श्री राम कॉलेज में पत्रकारिता विभाग की विभागाध्यक्ष सुश्री वर्तिका नंदा ने वक्ताओं/संसाधन व्यक्तियों के रूप में भाग लिया। वक्ताओं ने पत्रकारिता में अपने व्यापक अनुभवों को साझा किया और मीडिया में महिलाओं के चित्रण पर ध्यान केंद्रित किया। विभिन्न संगठनों के मीडिया पेशेवरों ने ओपन हाउस चर्चा में अपने अनुभव साझा किए।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष सुश्री रेखा शर्मा ने मीडिया में गुणात्मक प्रगति, रिपोर्टिंग के प्रति अधिक संवेदनशील दृष्टिकोण तथा इस क्षेत्र में पुरुषों एवं महिलाओं के समान प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने रिपोर्टिंग करते समय महिला पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियों और मीडिया घरानों में प्रबंधकीय पदों को संभालने के लिए और अधिक महिलाओं की आवश्यकता पर जोर दिया।

विशिष्ट अतिथि रजत शर्मा ने मीडिया में महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि समाज की नकारात्मक मानसिकता के बावजूद देश की महिलाएं न केवल पत्रकारिता में बल्कि हर क्षेत्र में ऊंचाइयों पर पहुंच गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समाज की मानसिकता बदलने की जरूरत है और मीडिया इस संबंध में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

कार्यशाला को तीन तकनीकी सत्रों में विभाजित किया गया था; ‘मीडिया संचालन और सामग्री में मीडिया के लिए लिंग-संवेदनशील संकेतक’, ‘महिला मीडिया पेशेवरों द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियां’ और ‘महिलाओं के सशक्तिकरण में मीडिया की भूमिका’। कार्यशाला का उद्देश्य मीडिया हितधारकों को महिलाओं से संबंधित समस्याओं के समाधान तथा महिला सशक्तिकरण एवं नेतृत्व की कहानियों के लिए और अधिक मंच समर्पित करने के लिए प्रोत्साहित करना और महिलाओं के अधिकारों के बारे में जनता को सूचित करना और इस तरह के अधिकारों का उल्लंघन होने की स्थिति में उनके उपलब्ध साधनों के बारे में जानकारी देना है।