Ujjain गायत्री शक्तिपीठ पर यज्ञीय ऊर्जा के नियोजन के लिए विचार गोष्ठी आयोजित

संपर्क साधना और आत्मीयता विस्तार को प्राथमिकता से करने पर दिया जोर, नियमित गतिविधियों के साथ बाल संस्कार शाला ,कौशल विकास शिविर ,कन्या कौशल शिविर, नव दम्पति शिविर ,आरोग्य मंदिर व्यायाम शाला एवं योग शिविर पर हुई चर्चा

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ उज्जैन मध्यप्रदेश रमाकांत उपध्य्याय / 9893909059

यज्ञीय आयोजन की ऊर्जा को नियोजित करने के लिए गायत्री शक्तिपीठ उज्जैन पर बुधवार को उज्जैन उपझोन के छहों जिलों उज्जैन , रतलाम, मंदसौर, नीमच ,आगर एवं शाजापुर जिले के जिला और तहसील समन्वयकों की एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

सभी परिजनों ने अपने क्षेत्र की विशिष्ट गतिविधियों के साथ कार्य में आने वाली परेशानियों से वरिष्ठों को अवगत कराया।


उज्जैन उपझोन के समन्वयक राजेश पटेल ने परिजनों को बताया कि हमारे यज्ञीय आयोजन विशिष्ट प्रयोजन के लिए होते हैं ,और इनका प्रमुख प्रयोजन सत प्रवृत्ति संवर्धन और दुष्प्रवृत्ति उन्मूलन है। यज्ञ के तुरंत बाद इन कार्यों को गति देने के लिए वातावरण अनुकूल रहता है । वातावरण की सकारात्मकता लाभ लेते हुए सत्प्रवृत्ति प्रसार के लिए सद्साहित्य के पठन- पाठन के लिए जन संपर्क, वेव स्वाध्याय को प्राथमिकता से चलाना होगा।

परिजनों की समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करते हुए मध्यझोन भोपाल के समन्वयक राकेश गुप्ता जी ने बताया कि सभी समस्याओं का समाधान *संपर्क साधना* से किया जा सकता है । अपनी नियमित गतिविधियों के साथ बाल संस्कार शाला ,कौशल विकास शिविर ,कन्या कौशल शिविर, नव दम्पति शिविर ,आरोग्य मंदिर व्यायाम शाला एवं योग शिविर के माध्यम से सत्प्रवृत्ति संवर्धन के कार्य को गति देना चाहिए। हमारे सभी संस्थान, मंडल गायत्री ज्ञान गंगा के स्टॉप डैम या चैक डैम जैसे हैं जब जितनी ऊर्जा प्रवाह की आवश्यकता हो वह यहां से प्राप्त करते रहें। किसी भी परिजन को जन संपर्क के लिए यात्रा आदि के ब्राह्मणोचित व्यय की पूर्ति संवद्ध संस्थान द्वारा की जायेगी।


मध्यझोन भोपाल के सह समन्वयक प्रभाकांत तिवारी ने कोरोना काल की नकारात्मकता से उबरने के लिए वे कार्य जो अभी किए जाने हैं-के तहत आत्मीयता और देव परिवार विस्तार के सभी कार्यो को प्राथमिकता से करने के लिए अनुरोध किया इसका शुभारंभ होली पर्व से ही कर देना चाहिए। संचालन शाजापुर जिले के समन्वयक श्री महेश केवट ने किया।

कोरोना महामारी के बाद सामान्य परिस्थितियों होने पर 1 मार्च से गायत्री परिवार के सामूहिक आयोजन प्रारंभ हो गये हैं । उज्जैन उपझोन में इस श्रृंखला का प्रथम 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन 13 ,14 ,15 मार्च को 2022 में गायत्री शक्तिपीठ उज्जैन पर संपन्न हुआ ।आगामी 17 से 20 अप्रैल और 22 से 26 अप्रैल में क्रमशः शुजालपुर और माकड़ौन में 108 कुण्डीय महायज्ञ और पांच 24 कुण्डीय यज्ञायज्ञ उपझोन में होने जा रहे हैं।