Ganjbasoda यूक्रेन में युद्ध के बीच फंसी छात्रा सृष्टि सोनी ने लगाई मदद की गुहार

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ गंजबासौदा मध्यप्रदेश रविकांत उपाध्याय / 8085883358

रूस और यूक्रेन के बीच गुरुवार तडके से युद्ध शुरु हो गया है। और रूस द्वारा यूक्रेन की राजधानी सहित बिभिन्न शहरों में मिसाइल एवं बमों से हमले किए जा रहे हैं। ऐसे में यूक्रेन में फंसे भारतीयों की चिंता भारत में उनके परिजनों को सताने लगी है। बताया जाता है कि यूक्रेन में करीब 20 हजार से अधिक भारतीय हैं और इनमें से सबसे अिधक वहां मेडीकल की पढाई करने वाले विद्यार्थी हैं। इन्हीं विद्यािर्थयों में से एक नगर के मनीष कुमार सोनी की पुत्री सृष्टि भी हैं, जो यू्क्रेन के ओडेसा में हैं और अब ऐसे हालात में किसी भी तरह वहां से सुरक्षित निकलना चाह रही हैं। उधर नगर में उनका परिवार भी उनकी सुरक्षा को लेकर चिंितत बना हुआ है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के गांधी चौक क्षेत्र में सदर बाजार निवासी िशक्षक मनीष कुमार सोनी और सुमन सोनी की पुत्री सृष्टि सोनी पिछले चार साल से यूक्रेन में रहकर एमबीबीएस की पढाई कर रही हैं। सृष्टि के भाई वंश ने बताया कि उनकी बहन सृष्टि यूक्रेन के ओडेसा  नगर में नेशनल यूनिवर्सिटी से मेडीकल की चौथे और अंितम वर्ष की पढाई कर रही हैं। उनके परिजनों की सृष्टि से नियमित बात होती रहती थी और रूस-यूक्रेन के बीच तनाव की स्थिति को देखते हुए आगामी 5 मार्च को सृष्टि ने वापस आने के लिए हवाई टिकट भी बुक करा लिया था, लेिकन आज सुबह से ही रूस के हमले के कारण वहां स्िथति बेहद तनावपूर्ण आैर मुिश्कल हो गई है।
सृष्िट ने बताया था कि आज सुबह उनके रहवासी क्षेत्र के पास में ही पोर्ट पर रूसी सेना ने मिसाइल दागी थी आैर इसके भीषण विस्फोट से ही उनकी नींद खुली थी। तब से ही भारतीयों सहित सभी लोग आवश्यक सामग्री जुटाने, सुरक्षित जगहों पर जाने में लग गए थे। अब पूरे नगर में सन्नाटा पसरा हुआ। सृष्टि और उसके भारतीय दोस्त भी एक ही घर में हैं। इन लोगों ने भी खाने-पीने और जरूरत का कुछ सामान एकत्रित कर रखा है। लेिकन एकाउंट में पैसे होते हुए भी वे एटीएम या बैंक से नकदी नहीं निकाल पा रहे हैं। जिससे आगामी समय में उनकी मुिश्कलें बढ सकती हैं। सृष्टि के भाई ने बताया कि सृष्टि आैर उसके दोस्तों ने भारतीय दूतावास से भी संपर्क करने की कोिशश की है, लेिकन वहां से उन्हें मदद नहीं बल्िक सलाह मिल रही है कि जो जहां है वहीं सुरक्षित रहे, आसपास के मैट्रो स्टेशन, बंकर में सुरक्षित आश्रय लें, अपने सभी आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखें, घरों और सुरक्षित आश्रय से बाहर न निकलें। उधर सृष्टि के अनुसार यूक्रेन से भारत आने का किराया भी अब बढा दिया गया है। जो हवाई किराया पहले 22-23 हजार रूपए लगता था, अब 60 से 70 हजार रूपए वसूला जा रहा है। जिससे विद्यार्थियों को काफी आिर्थक परेशानी भी हो रही है।
दूसरी ओर सृष्टि के भाई का कहना है कि टीवी चैनल्स पर सरकार द्वारा जो हैल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, उन पर लगातार कॉल करने के बाद भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। जिससे परिजन काफी परेशान हो रहे हैं। हांलािक परिजन सुबह से ही सृष्टि आैर उसके मित्रों से वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क बनाए हुए हैं और उनका हालचाल पूछ रहे हैं, लेिकन परिजनों को उनकी सुरक्षित वापसी की चिंता सता रही है।