Bhopal मुख्यमंत्री ने “युवा संवाद” कर विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का किया समाधान

युवा बनाएंगे मध्यप्रदेश को आत्म-निर्भर : मुख्यमंत्री

स्वयं पर विश्वास, लक्ष्य की स्पष्टता, एकाग्रचित होकर प्रयास करना और उत्साह बनाए रखना सफलता का आधार
धन के अभाव में प्रदेश का कोई विद्यार्थी पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा
राज्य सरकार स्व-रोजगार के लिए युवाओं को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है
युवा, बिना संकोच के खेती-किसानी में कॅरियर बनाने के लिए आगे आएँ
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किया विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना और डिजीलॉकर का शुभारंभ
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की पुस्तिका “नई शिक्षा-नई उड़ान” और स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना की पत्रिका “उत्कृष्ट” का विमोचन
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ भोपाल मध्यप्रदेश रविकांत उपाध्याय / 8085883358

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि स्वंय पर विश्वास, लक्ष्य की स्पष्टता, एकाग्रचित होकर प्रयास करना और उत्साह बनाए रखना सफलता का आधार है। प्रत्येक व्यक्ति में नैसर्गिक क्षमताएँ हैं, ईश्वर ने सभी को प्रतिभा सम्पन्न बनाया है। अपनी रूचियों एवं क्षमताओं को पहचानना और उनका प्रकटीकरण आवश्यक है। प्रदेश में युवाओं की शिक्षा, कौशल उन्नयन और दक्षता संवर्धन के लिए समग्र रूप से सकारात्मक वातावरण विद्यमान है। युवा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शित करें और आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में योगदान दें। युवा ही मध्यप्रदेश को आत्म-निर्भर बनाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में विद्यार्थियों के साथ युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  शैलेन्द्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महिला सशक्तिकरण के गीत की गूँज के बीच कन्या-पूजन तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरोजनी नायडू कन्या महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा मध्यप्रदेश गान प्रस्तुत किया गया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों ने वर्चुअली सहभागिता की। प्रदेश के 1300 से अधिक शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी वुर्चअल और लाईव ब्राडकॉस्टिंग से जुड़े।

मुख्यमंत्री श्री चौहान से प्रदेश के विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाओं के संबंध में प्रश्न किए। प्रथम प्रश्न बैतूल के जयवंति हक्सर शासकीय महाविद्यालय की छात्रा कृतिका चौरसिया ने पूछा कि – “मुख्यमंत्री महोदय तो गोल्ड मेडलिस्ट हैं, कृपया मार्गदर्शन दें कि परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए हमें क्या प्रयास करने चाहिए।” प्रश्न के उत्तर में

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संत तुलसीदास और कवि कालिदास का उदाहरण देते हुए कहा कि क्षमताएँ सभी में होती हैं, उनका प्रतिबद्धता के साथ प्रकटीकरण आवश्यक है। विद्यार्थी, अपना लक्ष्य निर्धारित कर आत्म-विश्वास, उत्साह और एकाग्रता के साथ कार्य करें, यही सफलता का आधार है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमें स्वयं पर भरोसा रखना, सीखना है। बिना तनाव लिए निरंतर कोशिश करते हुए आगे बढ़ने की भावना को बनाए रखना होगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान से छतरपुर की कुमारी खुशी करवरिया ने पूछा कि – “मैं एमबीए करना चाहती हूँ। इसके लिए शासन की क्या योजनाएँ हैं, गरीब परिवार की छात्राएँ कैसे सहायता प्राप्त कर सकती हैं।”

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सहजता से उत्तर देते हुए कहा कि – “धन के अभाव में प्रदेश का कोई विद्यार्थी पढ़ाई से वंचित न रहे, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त व्यवस्था की गई है। शाला स्तर पर विभिन्न योजनाएँ संचालित हैं। महाविद्यालयीन स्तर पर सहायता के लिए मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना और गाँव की बेटी योजना से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। गाँव की बेटी योजना में 12वीं कक्षा में 60 प्रतिशत अंक से उत्तीर्ण करने वाली बेटियों को 5 हजार रूपये छात्रवृत्ति प्रति वर्ष प्रदान करने की व्यवस्था है। वर्ष 2021- 22 में 1लाख 74 हजार से अधिक बालिकाओं को योजनाओं में लाभ प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में पिछले 2 वर्ष में 67 हजार से अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 237 करोड़ रुपए से अधिक की फीस की प्रतिपूर्ति की गई है।” मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि – “प्रदेश के 25 विद्यार्थियों के लिए आईआईएम की 2 करोड़ 50 लाख रूपये से अधिक की फीस राज्य शासन द्वारा जमा कराई गई। तकनीकी शिक्षा के लिए 2 हजार 981 विद्यार्थियों के लिए 28 करोड़ से अधिक की फीस राज्य शासन ने जमा कराई। प्रदेश में स्थित आईआईटी, एनआईटी, एनआईएफटी और आईसर संस्थाओं में 206 विद्यार्थियों के लिए 6 करोड़ रूपये से अधिक की फीस जमा कराई गई है।”

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि उज्जैन की कुमारी सोनम टैगोर ब्रिटेन से एमबीए कर रही हैं। राज्य सरकार ने उनकी 45 लाख 71 हजार की फीस जमा कराई है। इसी प्रकार भोपाल के श्री निदित पवार के यूके से इंटरनेशनल बिजनेस मैनेजमेंट का कोर्स करने के लिए राज्य शासन द्वारा 40 लाख 77 हजार रूपये की फीस जमा कराई गई है। महू के श्री पुष्कर मसानी ऑस्ट्रेलिया से प्रोजेक्ट मैनेजमेंट इंजीनियरिंग का कोर्स कर रहे हैं, जिसकी 55 लाख 48 हजार रूपए की फीस राज्य शासन ने जमा की है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान से उमरिया की कीर्ति सिंह चौहान ने पूछा कि – “हमें पढ़ाई के साथ अपने कॅरियर की भी चिंता रहती है। हम नौकरी या स्व-रोजगार करना चाहते हैं। इसके लिए शासन हमें कैसे सहायता दे सकता है। साथ ही कौशल विकास के लिए राज्य शासन की क्या योजनाएँ हैं।” इस पर

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि “वास्तविकता यह है कि सरकारी नौकरियों की अपनी सीमाएँ हैं। सभी को सरकारी नौकरी से रोजगार नहीं दिया जा सकता। राज्य सरकार स्व-रोजगार के लिए युवाओं को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है। इस दिशा में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना आरंभ की गई है, जो रोजगार उपलब्ध कराने के लिए क्रांतिकारी योजना है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में भी व्यापार आरंभ करने के लिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।” मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि -“प्रदेश के युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए भोपाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर का ग्लोबल स्किल पार्क बनाया जा रहा है। स्टार्ट-अप नीति 2022 के मुख्य बिंदुओं की जानकारी भी युवाओं को दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमें अपने विचारों और अपने सपनों को मरने नहीं देना है। रोजगार प्राप्त करने और आत्म-निर्भर बनने के अनेक अवसर हैं। राज्य सरकार युवाओं को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान से रीवा की अंजली शर्मा ने पूछा के “छात्राओं को छात्रों की तरह अधिकार कब मिलेंगे। अंजलि ने बताया कि वे – संगीत की छात्रा हैं, उनका चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ था, परंतु माता-पिता ने उन्हें प्रतियोगिता में शामिल नहीं होने दिया।”

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अंजली के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि “आवश्यक यह है कि माता-पिता, बच्चों पर अपनी इच्छाएँ नहीं थोपें। बच्चों की जो नैसर्गिक प्रतिभा है, उस दिशा में बच्चों को बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।” मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि समाज में बेटा- बेटी के बीच अंतर करने का भाव रचा-बसा था। राज्य शासन बेटियों को अधिकार संपन्न बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। इस दिशा में लाड़ली लक्ष्मी योजना के साथ बेटियों के स्कूल जाने पर विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। विवाह में सहायता और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए भी योजनाएँ संचालित हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में लागू की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में राज्य में हुए नवाचार देश के अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय हैं। नीति में विद्यार्थियों को अपनी अभिरूचि के आधार पर व्यवसायिक और कौशल संवर्धन संबंधी पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिल सकेगा, जिससे प्रदेश के युवा आत्म-निर्भरता के मार्ग पर अग्रसर हो सकेंगे। आज के कार्यक्रम से प्रदेश के 24 लाख से अधिक युवा जुड़े हैं। इस संवाद से युवा शक्ति में नई ऊर्जा का संचार होगा। डॉ. मोहन यादव ने कोरोना काल में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और शैक्षणिक सत्र को लागू करने में मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा किए गए प्रयासों का अभिवादन किया। डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान की पहल से ही प्रदेश के महाविद्यालयों के लिए स्वयं का भवन बनाने की दिशा में विशेष प्रगति हुई है। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री शैलेन्द्र सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।