UP एक ऐसा प्रदेश है जहां पग-पग पर तीर्थ, कण-कण में ऊर्जा – प्रधानमंत्री

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ कुशीनगर उत्तरप्रदेश रविकांत उपाध्याय/ 

The Prime Minister, Shri Narendra Modi inaugurates and lays foundation stone of various development projects, in Kushinagar, Uttar Pradesh on October 20, 2021.
The Governor of Uttar Pradesh, Smt. Anandiben Patel, the Chief Minister of Uttar Pradesh, Yogi Adityanath and other dignitaries are also seen.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय कुशीनगर की आधारशिला रखी। उन्होंने कुशीनगर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। 

इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुशीनगर में चिकित्सा महाविद्यालय होने से, डॉक्टर बनने या गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पाने की स्थानीय आकांक्षाएं पूरी होंगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तकनीकी शिक्षा को अपनी भाषा में प्राप्त करने की संभावना एक वास्तविकता बनती जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे कुशीनगर के स्थानीय युवा अपने सपनों को साकार कर सकेंगे। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि जब मूल सुविधाएं मिलती हैं, तो बड़े सपने देखने का हौसला और सपनों को पूरा करने का जज्बा पैदा होता है। जो बेघर हैं, झुग्गी में हैं, जब उसको पक्का घर मिले, जब घर में शौचालय हो, बिजली का कनेक्शन हो, गैस का कनेक्शन हो, नल से जल आए, तो गरीब का आत्मविश्वास और बढ़ जाता है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य में डबल इंजन की सरकार, डबल ताकत से स्थितियों को सुधार रही है। उन्होंने इस तथ्य पर खेद व्यक्त किया कि पहले की सरकारों ने गरीबों की गरिमा और प्रगति की परवाह नहीं की और वंशवाद की राजनीति के दुष्परिणामों ने कई अच्छे उपायों को गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंचने से रोका।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राम मनोहर लोहिया कहा करते थे कि- कर्म को करुणा से जोड़ो, भरपूर करुणा से जोड़ो। लेकिन जो पहले सरकार चला रहे थे, उन्होंने गरीब के दर्द की परवाह नहीं की, पहले की सरकार ने अपने कर्म को, घोटालों से जोड़ा, अपराधों से जोड़ा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक और योजना शुरू की है जो भविष्य में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में समृद्धि के नये द्वार खोलने वाली है। इस योजना का नाम है- पीएम स्वामित्व योजना। पीएम स्वामित्व योजना के तहत गांव के घरों की घरौनी यानी घरों का मालिकाना दस्तावेज देने का काम शुरू किया है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि शौचालय और उज्ज्वला जैसी योजनाओं से बहन-बेटियां सुरक्षित व सम्मानित महसूस कर रही हैं। पीएम आवास योजना में घर की महिलाओं के नाम पर ज्यादातर घर होते हैं।

पूर्व काल के दौरान उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले जो सरकार यहां पर थी, उसकी नीति थी- माफिया को खुली छूट, खुली लूट। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज योगी जी के नेतृत्व में यहां माफिया माफी मांगता फिर रहा है और सबसे ज्यादा दर्द भी माफियावादियों को हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बारे में एक बात हमेशा कही जाती है कि ये एक ऐसा प्रदेश है जिसने देश को सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री दिए। ये यूपी की खूबी है, लेकिन यूपी की पहचान को केवल इस दायरे में ही नहीं देखा जा सकता। यूपी को 6-7 दशकों तक ही सीमित नहीं रखा जा सकता। ये ऐसी धरती है, जिसका इतिहास कालातीत है, जिसका योगदान कालातीत है। इस भूमि पर मर्यादा पुरुष भगवान राम ने अवतार लिया, भगवान श्री कृष्ण ने अवतार लिया। जैन धर्म के 24 में से 18 तीर्थंकर, उत्तर प्रदेश में ही अवतरित हुए थे। उन्होंने कहा कि आप मध्यकाल को देखें तो तुलसीदास और कबीरदास जैसे युगनायकों ने भी इसी मिट्टी में जन्म लिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि संत रविदास जैसे समाज सुधारक को जन्म देने का सौभाग्य भी इसी प्रदेश को मिला है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक ऐसा प्रदेश है जहां पग-पग पर तीर्थ हैं, और कण-कण में ऊर्जा है। वेदों और पुराणों को कलमबद्ध करने का काम यहां के नैमिषारण्य में हुआ था। श्री मोदी ने कहा कि अवध क्षेत्र में ही, यहां अयोध्या जैसा तीर्थ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी गौरवशाली सिख गुरु परंपरा का भी उत्तर प्रदेश से गहरा जुड़ाव रहा है। आगरा में ‘गुरु का ताल’ गुरुद्वारा आज भी गुरु तेग बहादुर जी की महिमा का, उनके शौर्य का गवाह है जहां पर उन्होंने औरंगजेब को चुनौती दी थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार यहां किसानों से खरीद के नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही है। यूपी के किसानों के ही बैंक अकाउंट में अभी तक लगभग 80,000 करोड़ रुपये उपज की खरीद के पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि से यूपी के किसानों के बैंक खाते में 37,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि जमा की जा चुकी है।