श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर बने यति नरसिंहानंद गिरि

गिरि देवी मंदिर डासना गाजियाबाद के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद गिरि समुदाय विशेष के जिहाद के विरुद्ध वैचारिक संघर्ष के लिए सुर्खियों में रहे हैं। जिहादियों ने उनके सर पर इनाम भी रखा है।

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ हरिद्वार रमाकांत उपाध्याय/ 

गिरि देवी मंदिर डासना गाजियाबाद के पीठाधीश्वर 
यति नरसिंहानंद सरस्वती ने श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि से संन्यास की दीक्षा ले ली है। दीक्षा के बाद अब यति नरसिंहानंद सरस्वती से गिरी हो गए हैं। श्रीमहंत हरिगिरि ने यति नरसिंहानंद गिरि को अपना शिष्य बनाकर महामंडलेश्वर पद पर अभिषेक किया है।अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता स्वामी नारायण गिरि की पहल पर यति नरसिंहानंद गिरि जूना अखाड़ा से जुड़े और अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि को गुरु मानकर उनसे दीक्षा ली।

 

दीक्षा समारोह में श्रीमहंत प्रेम गिरि अध्यक्ष सभापति जूना अखाड़ा, उमाशंकर भारती, श्रीमहंत नारायण गिरि, श्रीमहंत केदार पुरी मौजूद रहे। संन्यास दीक्षा के बाद यति नरसिंहानंद गिरि को जूना अखाड़ा का महामंडलेश्वर बनाया गया। सुबह 6:30 बजे ब्रह्म मुहूर्त में जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने हरिहर आश्रम में महामंडलेश्वर पद पर अभिषेक किया।