मन का गरीब होना असली दरिद्रता है : पं. नवीनकृष्ण शास्त्री

रायसेन जिले के देवनगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का हुआ समापन
स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @देवनगर रायसेन रमाकांत उपाध्याय/ 


रायसेन जिले के देवनगर स्थित श्री वीर बालाजी हनुमान मंदिर में पितृपक्ष के उपलक्ष्य में पितृ मोक्षके लिए संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। अखिल भारतवर्षीय धर्म संघ रायसेन के जिला अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य पंडित रामाधर व्यास शास्त्री के मार्गदर्शन में आयोजित कथा में श्रीधाम बृंदावन, नीलकंठेश्वर मंदिर उदयपुर के कथा वाचक स्वर भूषण पंडित नवीन कृष्ण शास्त्री के भगवान द्वारकाधीश की अष्ट पटरानियों एवं उनके बंश का वर्णन किया गया।

सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कथा व्यास स्वरभूषण पंडित नवीन कृष्ण शास्त्री जी ने बताया कि मनुष्य का गरीब होना दरिद्रता नही है बल्कि उसके मन का गरीब होना दरिद्र है। लेकिन कलियुग में सिर्फ धन-दौलत के आधार पर गरीवी देखी जा रही है। धन दौलत साथ नही जाती है बल्कि मनुष्य के कर्म का फल साथ जाता है इसलिए मन को भगवान के बताए मार्ग पर चलाए।  समापन दिवस में भक्तो ने खूब आनंद के साथ कथा का आनंद लिया। समापन पर श्रीमद्भागवत जी पंडित जी की विदाई कीगई। अंत मे प्रसाद भंडारा आयोजित हुआ।