GAU MATA के बिना मुक्ति संभव ही नहीं है : शास्त्री

स्वास्तिक न्यूज़ पोर्टल @ नंदुरबार महाराष्ट्र रमाकांत उपाध्याय/ 

श्री भागवत सेवा समिति भादवड- नंदुरबार (महाराष्ट्र) के तत्वावधान में भादवड में भव्य श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ सोहळा का आयोजन किया जा रहा है । सर्वदलीय गौरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक व राष्ट्रीय कथा वाचक श्रद्धेय महेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि गाय के पुत्र गौकर्ण के मुखारविंद से कथांम्रत का रसपान करके महाप्रेत धुंधकारी को मोक्ष मिला था  विना गाय के मुक्ति संभव नहीं है, संसार मै रहने के लिए संसारियों से जितना प्रेम करना अनिवार्य है। उसी प्रकार परमगति पाने के लिए हजार गुना गौवंश से प्रेम करना आवश्यक है।

पहले के समय मै गौवंश को घर के अन्दर स्थान दिया जाता था और कुत्तों को घर के वाहर पर आज के समय मै बडा दुर्भाग्य है कि कुत्तों को लक्जरी मकानों मै सुन्दर व्यवस्थाओं मै स्थान दिया जारहा है और वेचारा गौवंश सडकों पर अपने प्राणों की भीख मांगरहा है।
गाय न हिन्दू की है और न मुसलमानों की है, गाय तो सर्वदेव मयी -सर्ववेदमयी जगत् जननी है। जव वो दूध पिलाने मै अन्तर नहीं समझती तो फिर हम उसमे अन्तर क्यों समझें।
भागवत कथा सुनना विषय जितना महत्वपूर्ण है उससे अनेक गुना भागवत को समझना महत्वपूर्ण है। भागवत के हर शब्द मै गौमहिमा छुपी हूई है। भागवत सिर्फ राम-कृष्ण की संहिता ही नहीं है बल्कि भागवत तो गाय के पुत्र गौकर्ण रूपी परहंसों की संहिता है।
अयोध्या मै तो राममन्दिर शुरू होगया। अव हम सव की वारी है कि घर घर मै गौमन्दिर बने और हर व्यक्ति को अपने-अपने घरों मै कम से कम एक-एक देशी गौवंश अवस्य पालें और उसकी सेवा करें। जिस राष्ट्र मै विप्र-धेनू-सुर-और संतों का सम्मान होता है,वो राष्ट्र सिर्फ राष्ट्र ही नहीं रह जाता वो महान् महाराष्ट्र वन जाता है, गौलोक धाम वनजाता है, महातीर्थ वन जाता है।  28 सितंबर को कथा का समापन किया जाएगा।  विशाल भंडारा होगा। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओ से धार्मिक लाभ लेने की अपील की है।